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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 30 दिसंबर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य में हालात ऐसे बनते जा रहे हैं, मानो अराजकता का माहौल हो और कानून का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ता जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में गृह मंत्री के गृह जिले कवर्धा से लेकर बस्तर, सरगुजा, डोंगरगढ़, रायगढ़ और कोरबा तक जिस तरह की आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे खुलेआम सरकारी व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं।
डॉ. महंत ने कहा कि अपराधों का बढ़ता ग्राफ केवल कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक सौहार्द पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कोरबा में अंधविश्वास से जुड़ी ट्रिपल मर्डर की घटना और कटघोरा में भाजपा नेता की निर्मम हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के भीतर बढ़ते खोखलेपन और असुरक्षा को उजागर करती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या समय रहते इन घटनाओं को रोका नहीं जा सकता था?
नेता प्रतिपक्ष ने साइबर सुरक्षा को लेकर भी सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने रायपुर विधानसभा क्षेत्र सहित कांकेर, कवर्धा, कोरबा, अंबिकापुर और रायगढ़ में बढ़ते साइबर अपराधों का उल्लेख किया। रायपुर के मैग्नेटो मॉल में हुई घटना को उन्होंने अराजकता का डरावना उदाहरण बताया।
कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में भाजपा नेता अक्षय गर्ग की हत्या को लेकर डॉ. चरण दास महंत और सांसद ज्योत्सना महंत ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी से एक चुनौती जरूर सुलझी है, लेकिन जिस परिवार ने अपना सदस्य खोया है, उसकी क्षति की भरपाई कभी नहीं हो सकती।


