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एएसपी समेत 22 पुलिसकर्मी जख्मी, हालात काबू में
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कांकेर, 19 दिसंबर। कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में मतांतरण से जुड़े एक मामले में शव के दफनाने को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। ग्राम बड़े तेवड़ा में मतांतरित ग्रामीण के शव को दफनाने पर ग्रामीणों द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई, जिसके बाद प्रशासन द्वारा विधिक प्रक्रिया के तहत कल शव को कब्र से बाहर निकलवाया गया। आज भी गांव में पुलिस बल तैनात है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कल शव निकाले जाने के दौरान और उसके बाद भीड़ द्वारा पत्थरबाजी, तोडफ़ोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतागढ़ आशीष बंछोर सहित 22 पुलिसकर्मी घायल हुए। घायल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को प्राथमिक उपचार के बाद आगे के उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है।
घटना के दौरान ग्राम बड़े तेवड़ा स्थित चर्च को नुकसान पहुंचाया गया तथा भीड़ ने आग लगा दी।
पुलिस के अनुसार, स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। प्रशासन को यह सूचना भी मिली कि कुछ लोग आमाबेड़ा स्थित अन्य चर्च की ओर बढ़ रहे हैं, जिसके बाद सतर्कता बढ़ा दी गई।
घटना की जानकारी मिलने पर बस्तर आईजी सुंदरराज पी., डीआईजी कांकेर अमित तुकाराम कांबले, कांकेर कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर तथा पुलिस अधीक्षक कांकेर इंदिरा कल्याण एलीसेला मौके पर पहुंचे और स्थिति का आंकलन किया। अधिकारियों की उपस्थिति में हालात को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए।
चारामा क्षेत्र में भी विरोध
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, मतांतरित व्यक्ति के शव को चारामा क्षेत्र के कब्रिस्तान में दफन किए जाने की सूचना के बाद चारामा में भी विरोध दर्ज किया गया। सर्व समाज हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता कब्रिस्तान के सामने एकत्र हुए। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
प्रशासन का कहना है कि शव निकाले जाने के बाद ग्रामीणों की प्रतिक्रिया धीरे-धीरे कम हुई और लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे। फिलहाल आमाबेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रखा गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कांकेर जिले में पिछले दो महीनों के भीतर शव को कब्र से निकालने की यह तीसरी घटना है। प्रशासन ने बताया कि शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से संवाद किया जा रहा है और पूरे घटनाक्रम पर निगरानी रखी जा रही है।
ज्ञात हो कि गांव के सरपंच रजमन सलाम के पिता चमराराम सलाम का रविवार को अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। इसके बाद परिवार द्वारा गांव में ही उनका दफन किया गया। इस पर गांव के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन देर शाम तक सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद ग्रामीण अपने-अपने घर लौट गए।बुधवार को मामला और गंभीर हो गया, जब कुछ ग्रामीण मतांतरित ग्रामीण का शव कब्र से बाहर निकालने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया था। इसी बीच दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसमें कुछ लोगों को चोटें आईं। पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।


