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-आसिफ़ अली
उत्तराखंड सरकार की ओर से भेजे गए दो अहम विधेयकों को राज्यपाल ने वापस लौटा दिया है.
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और अवैध धर्मांतरण निषेध अधिनियम से जुड़े संशोधन विधेयकों को तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए सरकार को वापस लौटाया है.
यूसीसी और धर्मांतरण क़ानून से जुड़े इन मसौदों को सुधार के बाद दोबारा मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.
राज्य सरकार का दावा है कि राज्यपाल कार्यालय ने विधेयकों को मामूली खामियों के कारण लौटाया है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "अनेकों बार सरकार की तरफ़ से विधेयक भेजे जाते हैं जिसका राजभवन द्वारा परीक्षण किया जाता है. जिसके बाद अगर उनमे कोई सुधार करने होते हैं तो वह सुधार के लिए वापस आते हैं. सुधार करने के बाद बिल को फिर से राजभवन वापस भेजा जाता है. अब इसे भी सुधार करके वापस भेजेंगे."
धार्मिक धर्मांतरण और यूसीसी से जुड़े ये दोनों विधेयक पुष्कर सिंह धामी की नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी पहलों में शामिल रहे हैं.
यूसीसी को जनवरी 2024 में पारित किया गया था, जबकि सरकार ने इस क़ानून में संशोधन को अगस्त में हुए विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पेश किया.
राज्य में पहले से ही 2018 में धर्मांतरण विरोधी क़ानून लागू है, जिसे सरकार ने 2022 में संशोधित किया और फिर इसमें 2025 में दोबारा संशोधन किया. (bbc.com/hindi)


