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अपने और पत्नी के खाते में 8 माह के दौरान रकम क्रेडिट किया
रायपुर, 18 दिसंबर। एसबीआई बैंक इंटरनल अकाउंट से 2.78 करोड़ रूपए को ट्रेड करने वाले चीफ मैनेजर को एसीबी ने गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस मामले की प्राथमिक जांच एसबीआई ने अपने स्तर पर करने के बाद बुधवार को एसीबी में रिपोर्ट दर्ज कराया था। इस अफसर ने अपने और पत्नी के नाम से रकम क्रेडिट कर क्रिप्टो करेंसी में निवेश किया था।
भारतीय स्टेट बैंक क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर से प्राप्त शिकायत के आधार पर ब्यूरो में 17 दिसंबर को धारा 316 (5), 318 (4), 61(2), 338, 336(3), 340(2) एवं घारा 13 (1) (ए), 13(2), पीसीएक्ट 1988 यथासंशोधित 2018 दर्ज किया था । इसकी जांच में आरोपी विजय कुमार आहके चीफ मैनेजर स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, रायपुर के निवास में विधिवत सर्च कार्यवाही कर प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक एविडेन्स जप्त किए गए। आरोपी चीफ मैनेजर, स्पेशलाईज्ड करेंसी मैनेजमेंट शाखा (SCAB) जो कि एक अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण शाखा है जिसका कार्य अन्य शाखाओं को कैश पहुंचाने व मैनेज करना हैं।
शाखा प्रमुख रहते हुए आहते ने बैंक के महत्वपूर्ण इंटरनल ऑफिस अकाउंट (सस्पेन्स अकाउंट-जिसकी कोई लिमिट तय नहीं है) जिसे आरोपी ने अपने ट्रेडिंग के लत को पूरा करने ब्लैंक चेक के तौर पर उपयोग किया। और योजनाबद्ध तरीके से लगभग आठ महीनों मे 2,78,25,491 /- रूपए की अवैध निकासी कर अपने एवं अपनी पत्नी के खाते में क्रेडिट किया। विजय कुमार द्वारा रेड फ्लैग इंडिकेटर (RFI) जो की एक बैंक में स्थापित मानक हैं उसको बायपास कर निर्धारित समय जो कि तीस दिन होता था, उससे पूर्व ही मल्टीपल फेक इंट्रीज कर रोलओवर कर दिया गया, जिससे सिस्टम में कोई भी अलर्ट जनरेट न हो सकें। इस तरह उसके द्वारा शुरू के महिनों में 3-4 फेक इंट्रीज की गई और बाद की महीनों मे कई फेक इंट्रीज करता रहा ।किसी भी सहकर्मी और सुपरवाईजरी अधिकारी द्वारा इन फेक इंट्रीयों को डिटेक्ट नहीं किया गया।जो कि डयू डेलिजेन्स की कमी को दिखाता है और यह एक जाँच का विषय है। बाद में इस रकम को क्रिप्टो करेंसी, ऑप्शन्स और कमोडिटी ट्रेडिंग में धन एप्प और डेल्टा एक्श्चेंज के माध्यम से निवेश कर विजय कुमार ने शासकीय राशि का गबन किया । आरोपी विजय कुमार आहके, के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने पर आज गुरूवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं प्रकरण में अन्य लापरवाह अधिकारियों और उनकी भूमिका के संबंध में पूछताछ एवं अग्रिम विवेचना जारी है।


