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सरोना डंप-साइट से कचरा निपटारा 31 मार्च तक पूरा करने एजेंसी को सख्त निर्देश
18-Dec-2025 5:58 PM
 सरोना डंप-साइट से कचरा निपटारा 31 मार्च तक पूरा करने एजेंसी को सख्त निर्देश

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया निरीक्षण

छत्तीसगढ़' संवाददाता 

रायपुर, 18 दिसम्बर। डिप्टी सीएम नगरीय प्रशासन एवं विकास  अरुण साव ने गुरुवार सवेरे रायपुर के सरोना डंप-साइट का निरीक्षण कर कचरा निपटान एवं प्रोसेसिंग के कार्यों को देखा। श्री साव ने बायो-रिमिडिएशन कार्य की गति पर असंतोष जाहिर करते हुए एजेंसी को 31 मार्च 26 तक काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने तेजी से काम पूरा करने मशीनरी और मानव संसाधन बढ़ाने को कहा। उन्होंने एजेंसी को फटकार लगाते हुए कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही और ढिलाई पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इस  दौरान नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., महापौर श्रीमती मीनल चौबे, निगम आयुक्त  विश्वदीप और सूडा के सीईओ  शशांक पाण्डेय भी मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सरोना डंप-साइट में बायो-रिमिडिएशन कार्य की निगरानी के लिए साप्ताहिक कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रगति की रिपोर्ट उप मुख्यमंत्री कार्यालय, महापौर, राज्य शासन एवं सूडा के सीईओ  को नियमित रूप से भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने लाइव फीड के जरिए खुद भी कार्यों की मॉनीटरिंग की बात कही। श्री साव ने रायपुर नगर निगम के अधिकारियों को प्रतिदिन साइट पर भौतिक प्रगति की समीक्षा करने तथा शासन स्तर पर लाइव फीड और ड्रोन के माध्यम से निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। 

सरोना डंप-साइट के वैज्ञानिक और चरणबद्ध रिमिडिएशन के बाद इसे रायपुरवासियों के लिए हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। श्री साव ने साइट के निरीक्षण के बाद कहा कि इसे कचरे के ढेर से पूरी तरह मुक्त कर एक मॉडल रेमिडिएटेड साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका सौंदर्यीकरण कर शहर के लिए एक आदर्श उदाहरण बनाया जाएगा। 

28 एकड़ में फैला सरोना डंप-साइट लंबे समय से पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का कारण रहा है। पिछले 20 वर्षों से शहर का कचरा यहां जमा होता रहा है। वर्षों तक अपशिष्ट का ढेर जमा होने से भूजल प्रदूषण, दुर्गंध, मच्छरों का प्रजनन और आसपास के निवासियों के लिए अस्वस्थ वातावरण जैसी गंभीर चुनौतियाँ सामने आ रही थी। इससे बचने डंप-साइट पर जमा अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रसंस्करण करना अत्यंत आवश्यक था। 
रायपुर नगर निगम ने सरोना डंप-साइट पर जमे साढ़े चार लाख टन अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए कार्ययोजना तैयार की है। यहां से अब तक चार लाख 30 हजार लाख टन अपशिष्ट का बायो-रिमेडिएशन कर जमीन को फिर से उपयोग के लायक बनाया गया है। जल्दी ही यहां से संपूर्ण अपशिष्ट का रिमेडिएशन कर लिया जाएगा।


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