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'ज़िंदा रहूँगा या मर जाऊंगा यह पता नहीं था', सूडान में अग़वा आदर्श बेहरा भारत लौटे
18-Dec-2025 9:24 AM
'ज़िंदा रहूँगा या मर जाऊंगा यह पता नहीं था', सूडान में अग़वा आदर्श बेहरा भारत लौटे

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-सुब्रत कुमार पति

सूडान में अगवा किए गए आदर्श बेहरा छूट गए हैं और बुधवार सुबह ओडिशा वापस पहुंचे.

उन्हें 45 दिन पहले सूडान में रैपिड सपोर्ट फ़ोर्स (आरएसएफ़) ने अग़वा किया था और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद उन्हें रिहा किया गया.

पिछले हफ़्ते स्थानीय सांसद विभु प्रसाद तराई ने लोकसभा में आदर्श के अग़वा होने पर चिंता जताई थी.

भुवनेश्वर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आदर्श ने मीडिया को कहा, "मैं ज़िंदा रहूँगा या मर जाऊंगा यह पता नहीं था. मुझे तीन दिन एक जंगल में रखा गया था और फिर जेल भेज दिया गया."

"जंगल में मेरे साथ मारपीट की गई. डेढ़ महीने तक मुझे जेल में रखा गया था. जेल में अँधेरा था, बिजली नहीं थी. दिन में कहने के लिए सिर्फ़ एक रोटी या बिस्कुट देते थे."

ओडिशा के जगतसिंहपुर ज़िले के रहने वाले 36 वर्षीय आदर्श सूडान में एक प्लास्टिक फ़ैक्ट्री में मशीन ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहे थे और इससे पहले तीन बार सूडान गए थे.

आदर्श बेहरा के परिवार में उनके माता, पिता, पत्नी और दो बच्चे हैं. उनके वापस आने पर परिवार में खुशी का माहौल है. एयरपोर्ट से उन्हें लेने उनकी माँ और पत्नी पहुंचे.

सूडान में अप्रैल 2023 से देश की सेना और रैपिड सपोर्ट फ़ोर्स के बीच जंग जारी है. इन दोनों के बीच संघर्ष में डेढ़ लाख से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और 1.2 करोड़ लोगों को अपना घर छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा है.

संयुक्त राष्ट्र ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट करार दिया है. (bbc.com/hindi)


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