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केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मनरेगा योजना की जगह विकसित भारत- जी राम जी बिल 2025 पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "इस बिल का नाम ही अच्छा नहीं था क्योंकि संविधान के अनुसार, सारे नियम (कानून) के नाम एक भाषा में होने चाहिए. उन्होंने एक ही बिल के नाम में दो भाषाओं का इस्तेमाल किया है. महात्मा गांधी का नाम हटा दिया, वो तो बहुत बुरी बात है."
उन्होंने कहा, "इसमें 'गारंटी' शब्द भी है और 'रोजगार' भी है, 'आजीविका' भी है और बीच में 'एंड' भी है. यह सब 'जी राम जी' का शब्द निकालने के लिए किया है. मेरे ख़्याल से ये सीरियस बात नहीं है."
"महात्मा गांधी राम राज्य के बारे में बोलते थे और उनकी ग्राम स्वराज और राम राज्य की संकल्पना एक ही थी. इसलिए, जब इस किस्म का नियम ला रहे हैं, तो महात्मा गांधी का नाम हटाना भी ठीक नहीं था और दो भाषा का इस्तेमाल संविधान के अनुसार नहीं है."
शशि थरूर ने इस बिल के कारण बेरोज़गारी बढ़ने की भी आशंका जताई.
उन्होंने कहा, "पहले पैसा केंद्र सरकार से आता था, लेकिन अब वे कहते हैं कि 40 प्रतिशत राज्य सरकारों को देना होगा और बहुत प्रदेशों के पास पैसे नहीं हैं. इसका मतलब होगा कि बेरोज़गारी बढ़ जाएगी."
उन्होंने कहा कि इस बिल पर संसद में चर्चा होनी चाहिए. (bbc.com/hindi)


