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मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वाक आउट
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 15 दिसंबर। प्रदेश के बेरोजगारों को भत्ता नहीं देने का मामला मंगलवार को विधानसभा में उठा। विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बजट में बेरोजगारी भत्ता के प्रावधान किया गया है, लेकिन बेरोजगारों को नहीं दिया जा रहा है। इस पूरे मामले पर कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सदन से वाकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल में कांग्रेस सदस्य लखेश्वर बघेल के सवाल के जवाब में कौशल विकास मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1 अप्रैल 2024 तक की स्थिति में पंजीकृत रोजगार इच्छुकों की संख्या 11 लाख 30 हजार 656 है। उन्होंने बताया कि बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार मेला और प्लेसमेंट कैंप लगाए गए थे। इनमें दो साल में क्रमश: 5314 और 4149 का चयन हुआ है। कांग्रेस सदस्य के पूरक सवाल के जवाब में कौशल विकास मंत्री ने कहा कि एक साल में 14 हजार बेरोजगारों को रोजगार देने का लक्ष्य है।
कौशल विकास मंत्री ने कहा कि हम युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से ट्रेनिंग दे रहे हैं। वो रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बने।
मंत्री के जवाब में विपक्षी सदस्य संतुष्ट नहीं हुए। पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि हमारी सरकार बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दे रही थी, लेकिन सरकार ने बेरोजगारी भत्ता देना बंद कर दिया। मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने कहा कि बेरोजगारों के पंजीयन के लिए आन लाइन व्यवस्था की गई है। इस पर पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि हमारी सरकार में आन लाइन पंजीयन की व्यवस्था शुरू हो गई थी।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा बेरोजगारी भत्ता देने की योजना को बंद नहीं किया गया है, तो सरकार बेरोजगारों को भत्ता क्यों नहीं दे रही है?
विपक्षी सदस्यों ने कहा कि घोषणा पत्र में बेरोजग़ारी भत्ता देने का जिक्र है, लेकिन सरकार बेरोजगारी भत्ता नहीं दे रही है। इस दौरान सत्ता और विपक्षी सदस्यों के बीच नोंक झोंक हुई। पूर्व सीएम ने फिर सवाल उठाया कि बजट में प्रावधान किया गया है, लेकिन बेरोजगारी भत्ता नहीं दे रही है। इस पूरे मामले में मंत्री के संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से विपक्षी सदस्यों ने सदन से वाकआउट कर दिया।


