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55 लाख से अधिक मामलों में समझौता, 649 करोड़ रुपये से ज्यादा के अवार्ड पारित
15-Dec-2025 10:43 AM
55 लाख से अधिक मामलों में समझौता, 649 करोड़ रुपये से ज्यादा के अवार्ड पारित

नेशनल लोक अदालत में ऐतिहासिक सफलता, मुख्य न्यायाधीश ने की वर्चुअल मॉनिटरिंग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 15 दिसंबर। छत्तीसगढ़ में न्याय को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में राष्ट्रीय लोक अदालत ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षक न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निराकरण हुआ।

13 दिसंबर को आयोजित वर्ष की चौथी और अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान मुख्य न्यायाधीश सिन्हा ने हाईकोर्ट से वर्चुअली जुड़कर प्रदेश के 23 जिलों में चल रही कार्यवाही की निगरानी की। इस दौरान उन्होंने सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों से संवाद कर लोक अदालत को लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण और त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बताया तथा अधिकतम प्रकरण निपटाने पर जोर दिया।

मुख्य न्यायाधीश ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में गठित न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा और न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की अध्यक्षता वाली दो बेंच का दौरा कर वहां की कार्यवाही देखी और न्यायिक प्रयासों की सराहना की।

मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में राज्यभर में लोक अदालत से पहले व्यापक प्री-सेटिंग और काउंसलिंग सत्र आयोजित किए गए, जिससे पक्षकारों के बीच सहमति बनाने में मदद मिली। इसका सीधा असर परिणामों पर दिखाई दिया।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लोक अदालत में हाईकोर्ट, जिला एवं सत्र न्यायालय, तहसील स्तर के न्यायालय और राजस्व न्यायालयों में मिलाकर कुल 55 लाख 27,165 मामलों का निराकरण किया गया। इनमें आपराधिक समझौता योग्य मामले, सिविल प्रकरण, राजस्व विवाद, प्री-लिटिगेशन केस और ट्रैफिक चालान शामिल रहे।
इन मामलों में कुल 6,49,35,93,768 रुपये (करीब 649 करोड़ रुपये) की अवार्ड राशि पारित की गई।

न्यायमूर्ति सिन्हा ने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल (कार्यकारी अध्यक्ष, राज्य विधिक सेवा), न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू (अध्यक्ष, हाईकोर्ट विधिक सेवा ), सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, फैमिली कोर्ट के न्यायाधीशों, लोक अदालत बेंचों के पीठासीन अधिकारियों, अधिवक्ताओं, पक्षकारों और अन्य सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

जस्टिस सिन्हा ने कहा कि लोक अदालत प्रणाली के माध्यम से छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रही है, और आगे भी यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा।


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