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चुनाव सुधार पर संसद में चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 'एसआईआर मतदाता सूची का शुद्धिकरण है'.
उन्होंने सवाल किया, "क्या कोई भी देश का लोकतंत्र सुरक्षित रह सकता है, जब देश का प्रधानमंत्री और राज्य का मुख्यमंत्री कौन हो, ये घुसपैठिए तय करेंगे?"
विपक्ष पर तंज कसते हुए अमित शाह ने कहा, "एसआईआर मतदाता सूची का शुद्धिकरण है. इससे कुछ दलों के राजनीतिक स्वार्थ आहत होते हैं. मुझे उन दलों के प्रति एक प्रकार से अनुकंपा भी है, क्योंकि देश के लोग तो उन्हें वोट देते नहीं हैं. थोड़े वोट विदेशी दे देते थे, अब वो भी चले जाएंगे."
उन्होंने कहा, "हमें यह निर्णय करना पड़ेगा कि इस देश की संसद को चुनने के लिए और राज्य की विधानसभा को चुनने के लिए विदेशी को वोट देने का अधिकार देना है कि नहीं? मेरा मत है कि ये नहीं देना है."
अमित शाह ने यह भी कहा कि 2004 से पहले तक किसी भी दल ने एसआईआर का विरोध नहीं किया.
चर्चा के दौरान विपक्ष ने मतदाता सूची ने गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सवाल उठाया है. (bbc.com/hindi)


