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NTPC ने परमाणु प्रोजेक्ट्स के लिए सीजी और एमपी के साथ एम‌ओयू किए
10-Dec-2025 6:29 PM
NTPC ने परमाणु प्रोजेक्ट्स के लिए सीजी और एमपी के साथ एम‌ओयू किए

 सांसद  अग्रवाल के प्रश्न पर डॉ सिंह ने बताया 

नई दिल्ली/रायपुर 10 दिसंबर । सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को लोकसभा में भारत की भावी ऊर्जा रणनीति के केंद्र में उभर रहे छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) परिनियोजन को लेकर एक व्यापक, दूरदर्शी और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया ।

सांसद बृजमोहन ने छत्तीसगढ़ में एनटीपीसी के साथ परमाणु परियोजनाओं को लेकर 2025 में किए गए एमओयू के तहत संभावित परियोजनाओं की स्थिति और क्षमता निर्धारण पर सरकार से विवरण मांगा।राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (बार्क ) ने प्रेशराइज्ड वॉटर रिएक्टर टेक्नोलॉजी पर आधारित 200 MW भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (BSMR-200) का डिजाइन शुरू कर दिया है। इसके अलावा, ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन के लिए खास तौर पर एक 5 MW हाई-टेंपरेचर गैस-कुल्ला रिएक्टर डेवलप किया जा रहा है, जो इंडस्ट्रियल डीकार्बनाइजेशन के लिए एक जरूरी कदम है। सिंह ने बताया कि एनटीपीसी ने ने दो एम‌ओयू साइन किए हैं. एक मध्य प्रदेश सरकार के साथ (24 फरवरी,25) और दूसरा छत्तीसगढ़ सरकार के साथ (10 मार्च, 25)। 

इन समझौतों का मकसद पानी की उपलब्धता औ क्लीयरेंस के आधार पर, हर राज्य में न्यूक्लियर प्रोजेक्ट डेवलप करने के मौकों का पता लगाना है।
सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि SMRs स्टील और सीमेंट जैसे उद्योगों के लिए कैप्टिव प्लांट के तौर पर काम करेंगे जो छत्तीसगढ़ के प्रमुख सेक्टर हैं। प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ग्रीन पावर पर मालिकाना हक जैसे इंसेंटिव देने पर विचार कर रही है, जिससे उद्योगों की एक्सपोर्ट पर लगने वाले ग्लोबल कार्बन टैक्स से बचने में मदद मिलेगी।सांसद अग्रवाल द्वारा उठाए गए प्रश्न से यह स्पष्ट है कि, छत्तीसगढ़ अब भारत की परमाणु ऊर्जा विस्तार नीति में प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। एनटीपीसी के साथ हुए एमओयू आने वाले समय में प्रदेश में निवेश, रोजगार और हाई-टेक ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी संभावनाएँ खोलते हैं


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