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छत्तीसगढ़ ने पीजी कोटे में कटौती की
छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 9 दिसंबर । राज्य के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज में पीजी कोटे में कटौती संबंधी अधिसूचना चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 1 दिसंबर को जारी कर दी थी। इसके मुताबिक स्नातकोत्तर प्रवेश नियम, 2025 में किए गए संशोधन के अनुसार पीजी प्रवेश हेतु सीटों का संस्थागत आरक्षण शासकीय एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की कुल उपलब्ध सीटों को दो वर्गों में विभाजित किया जाता है। संस्थागत आरक्षण हेतु 50 प्रतिशत सीटें, तथा ओपन मेरिट हेतु 50 प्रतिशत सीटें।
संस्थागंत आरक्षण 50 प्रतिशत सीटें शासकीय एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की कुल सीटों का 50 प्रतिशत सीटें उन अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेगा जिन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित एनएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त चिकित्सा महाविद्यालयों से एमबीबीएस उत्तीर्ण किया है अथवा जो सेवारत अभ्यर्थी है। इन सीटों पर प्रवेश केवल संस्थागत आरक्षण के पात्र अभ्यर्थियों के मध्य मेरिट के आधार पर दिया जाएगा।
गैर संस्थागत आरक्षण 50 प्रतिशत सीटों में
गैर संस्थागत आरक्षण शेष 50 प्रतिशत सीटें ओपन कैटेगरी मानी जाएँगी। इन सीटों पर प्रवेश सभी पात्र अभ्यर्थियों हेतु राज्य-स्तरीय मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। ओपन सीटों पर किसी प्रकार की संस्थागत आरक्षण लागू नहीं होगी।इन दोनो श्रेणीयों में राज्य में प्रचलित आरक्षण नियम 6 के तहत लागू होगा।
यदि संस्थागत आरक्षण के अंतर्गत निर्धारित सीटों पर पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं, तो मॉप-अप राउण्ड की आवंटन प्रक्रिया के समय उन रिक्त सीटों का अंतरण (conversion) करते हुए उन्हें सामान्य (ओपन) श्रेणी में कर दिया जाएगा।
इस संबंध में जानकारों का कहना है कि छत्तीसगढ़ राज्य के आयुष विश्वविद्यालय से संबंधित सभी सरकारी एवं प्राइवेट मेडिकल कॉलेज से पास किए हुए एमबीबीएस छात्रों के लिए पीजी सीट का कोटा पहले तक 50% स्नातकोत्तर पीजी सीटों में होता था वर्तमान में राज्य सरकार के राजपत्र में प्रकाशित नए नियम के अनुसार यह घटकर 25% ही रह जाएगा।
वर्तमान में सभी राज्यों में 50% आवश्यक रूप से अखिल भारतीय स्तर की पीजी सीटों का कोटा होता है शेष 50% राज्य सरकार अपने मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों की पीजी सीटों के लिए सुरक्षित रखती है।
इस प्रकार की 75% पीजी सीट का हक करने की व्यवस्था किसी भी राज्य में नहीं है।


