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नागर विमानन मंत्रालय ने बताया है कि हाल ही में इंडिगो के ऑपरेशनल संकट से हुई परेशानी को दूर करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि यात्रियों को लगातार असुविधा न हो, इसके लिए उसने तेज़ी से और निर्णायक क़दम उठाए हैं.
मंत्रालय ने अब तक उठाए कदमों की जानकारी देते हुए एक प्रेस रिलीज़ जारी की है.
इसमें बताया गया है, "देशभर में हवाई यात्रा संचालन तेज़ी से सामान्य हो रहा है. दूसरी सभी घरेलू एयरलाइंस सुचारू रूप से और पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जबकि इंडिगो के प्रदर्शन में आज लगातार सुधार देखा गया है और फ्लाइट शेड्यूल सामान्य स्तर पर लौट रहे हैं."
मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा स्थिति में ओवरचार्जिंग को रोकने के लिए प्रभावित रूटों पर हवाई किराए की सीमा तय की गई है.
मंत्रालय ने कहा, "हाल ही में फ़्लाइट कैंसल होने के कारण मांग में बदलाव और हवाई किराए में अस्थायी बढ़ोतरी को देखते हुए, मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से हवाई किराए पर एक सीमा लागू की थी."
"इस आदेश के लागू होने के बाद से, प्रभावित रूटों पर किराया कुछ हद तक कम हो गया है. सभी एयरलाइंस को संशोधित किराए को पालन करने का निर्देश दिया गया है."
रिफ़ंड और रीशेड्यूलिंग को लेकर मंत्रालय ने कहा, "यात्रियों को वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, इंडिगो को सख़्त निर्देश जारी किए गए हैं कि कैंसल या बहुत ज़्यादा देरी वाली फ़्लाइट के सभी रिफ़ंड आज रात 8:00 बजे तक पूरे कर दिए जाएं."
"इंडिगो ने अब तक कुल 610 करोड़ रुपये के रिफ़ंड प्रोसेस किए हैं. फ़्लाइट कैंसल होने के कारण प्रभावित यात्रा को रीशेड्यूल करने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क लेने की अनुमति नहीं है."
मंत्रालय ने इंडिगो को यह भी निर्देश दिया है कि यात्रियों के सभी सामानों का पता लगाकर 48 घंटे के अंदर डिलीवर किया जाए. (bbc.com/hindi)


