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रायपुर, 7 दिसंबर। छत्तीसगढ़ में जमीन की नई रजिस्ट्री (गाइडलाइन) दरों में भारी बढ़ोतरी को लेकर विरोध के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्थिति पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने देगी। साय ने कहा कि गाइडलाइन दरों को लेकर अभी भी विभागीय मंथन जारी है और जरूरत पड़ने पर सरकार इसमें पुनर्विचार करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद से जमीन की गाइडलाइन दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी, जबकि नियमों के अनुसार हर साल इन दरों में संशोधन होना चाहिए। उन्होंने बताया कि गाइडलाइन बढ़ने के कई सकारात्मक पहलू भी हैं, परंतु वे अभी जनता के सामने उतने स्पष्ट रूप से नहीं आ पा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि नई दरों से आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा होती है तो सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी और लोगों को राहत देने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार करेगी।
इन दरों को वापस लेने की मांग करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जहां सीएम साय को पत्र लिखकर वापस न लेने पर राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की बात कही थी। वहीं विपक्षी दल विरोध में रोजाना प्रदर्शन कर रहे हैं।


