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200 करोड़ से अधिक की कर चोरी का आंकलन
रायपुर, 6 दिसंबर। हिंदुस्तान कॉइल ग्रुप और उसके संबंधित स्पंज आयरन और कॉइल व्यवसायों के सभी 42 ठिकानों में से केवल एक में जांच पूरी हो पाई है। इस दौरान लाकर की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। केवल दो ही आपरेट किए गए बाकी लाकर में पीओ आर्डर चस्पा कर दिया गया है।
इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग के सूचित वरिष्ठ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह ऑपरेशन ग्रुप के मालिकों अरविंद अग्रवाल, विकास अग्रवाल और विपिन अग्रवाल के व्यावसायिक हितों के साथ-साथ ओम स्पंज, देवी स्पंज और कई संबंधित उद्यमों से जुड़े रायपुर स्थित संस्थाओं पर केंद्रित है ।टीमें एक साथ 42 से ज़्यादा जगहों पर पहुंचीं, जिनमें कारखाने, कॉर्पोरेट कार्यालय और आलीशान आवास शामिल थे। यहां जांच के दौरान कई किलो में लैपटॉप, डेस्कटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, कच्चे पक्के लेन-देन के बिल को एविडेंस एक्ट के तहत सीज किया है । इनकी प्रारंभिक जांच में आयकर को करीब 300 करोड़ की कर चोरी का आंकलन किया है।अग्रवाल बंधुओं के ठिकानों से 5 करोड़ कैश, 5 किलो सोना और जेवर जब्त किए गए हैं। अफसर सभी के बयान दर्ज कर रहा है।
अधिकारियों की टीम सिलतरा इंडस्ट्रियल एस्टेट, उर्ला इंडस्ट्रियल एरिया और टिल्डा क्षेत्र में 10 प्रमुख औद्योगिक इकाइयों को अपने कब्जे में लिया हुआ है।। ऊंची कीमत वाली जगहों पर फैले आवासीय और कॉर्पोरेट परिसरों को भी कवर किया गया। ऑपरेशन की व्यापकता के लिए लगभग 150 CRPF कर्मियों की मदद की ज़रूरत पड़ी, जिन्होंने कड़ी सुरक्षा बनाए रखी।
पूरे ऑपरेशन की देखरेख छत्तीसगढ़ के इनकम टैक्स (PDIT), इन्वेस्टिगेशन विंग के प्रिंसिपल डायरेक्टर, 1996 बैच के IRS अधिकारी के रवि किरण ने की। फील्ड-लेवल कमांड जॉइंट डायरेक्टर इनकम टैक्स (JDIT) भरत शेगांवकर, IRS (2013 बैच) के पास थी, जबकि नवल जैन, IRS (2020 बैच) के नेतृत्व में चल रहा है ।
रायपुर, भिलाई, दुर्ग और जगदलपुर से लगभग 40 टैक्स अधिकारियों को जुटाया गया था, जिन्हें इंदौर, भोपाल और जबलपुर के जांच कर्मचारियों का समर्थन मिला। अधिकारियों के अनुसार, बहु-राज्य संरचना समूह के संचालन से जुड़े वित्तीय रास्तों की अपेक्षित जटिलता को दर्शाती है।
डिजिटल सामग्री की बड़ी मात्रा को क्लोन करने के लिए मुंबई और कोलकाता से दो साइबर फोरेंसिक टीमों को तैनात किया गया था। जांच किए गए उपकरणों में लैपटॉप, डेस्कटॉप, सर्वर, मोबाइल फोन और व्यापार और आवासीय परिसरों से जब्त की गई कई स्टोरेज यूनिट शामिल थीं। अधिकारियों ने डिजिटल सामग्री के पैमाने को व्यापक बताया, जिसके लिए बाद में फोरेंसिक और वित्तीय विश्लेषण के लिए लगातार निष्कर्षण और संरक्षण की आवश्यकता थी। सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन के पहले दिन नेशनलाइज़्ड और प्राइवेट बैंकों में हिंदुस्तान कॉइल ग्रुप और उसके सहयोगियों से जुड़े कई लॉकर मिले। गुरुवार को इनमें से कुछ ही खोले जा सके, जिनमें इन्वेस्टमेंट पेपर, एसेट शेड्यूल और महत्वपूर्ण अचल संपत्ति होल्डिंग्स की ओर इशारा करने वाले दस्तावेज़ मिले। डिपार्टमेंट से जुड़े सर्टिफाइड वैल्यूअर्स को इन्वेस्टमेंट वैल्यू का अनुमान लगाने और खुलासों को क्रॉस-वेरिफाई करने का काम सौंपा गया है।
कुछ जगहों पर बिना हिसाब-किताब वाला कैश, सोना और अन्य कीमती सामान भी मिला, जिसकी गिनती इनकम टैक्स एक्ट में बताए गए तरीकों के अनुसार की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि चल और अचल संपत्तियों का मूल्यांकन सर्च के बाद की जांच के चरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट इंडिया (FIU-IND) द्वारा घोषित इनकम स्ट्रीम के साथ असंगत माने जाने वाले ट्रांजैक्शन पैटर्न को फ़्लैग करने के बाद यह बिजनेस ग्रुप कई महीनों से फाइनेंशियल निगरानी में था। इन अलर्ट ने गुरुवार की समन्वित कार्रवाई से पहले किए गए संरचित आंतरिक विश्लेषण का आधार बनाया।
इकट्ठी की गई जानकारी की व्यापकता को देखते हुए, अधिकारियों ने संकेत दिया कि सर्च और जब्ती अभियान रविवार रात तक जारी रहने की संभावना है। क्योंकि टीमें बढ़ते सबूतों के निशान को डॉक्यूमेंट, सुरक्षित और विश्लेषण कर रही हैं।


