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आधी रात धमके हाथी कच्चा मकान तोड़कर राशन खा गए, महिला बच्चों संग जान बचाकर भागी
05-Dec-2025 12:22 PM
आधी रात धमके हाथी कच्चा मकान तोड़कर राशन खा गए, महिला बच्चों संग जान बचाकर भागी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 5 दिसंबर। अचानकमार टाइगर रिज़र्व के सुदूर वनांचल क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात हाथियों के एक दल ने ग्राम छपरवा में तबाही मचा दी। केंवची–अमरकंटक मार्ग पर स्थित दुर्गा मंदिर के नज़दीक चार हाथियों ने एक कच्चे घर को तोड़ दिया और अंदर रखी राशन सामग्री खा गए। मकान में रहने वालॉ गंगाबाई अपने बच्चों के साथ किसी तरह घर से निकलकर जान बचा पाई।

ग्रामीणों ने बताया कि रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच हाथियों का दल गांव में घुस आया। दुर्गा मंदिर के पास बने कच्चे घर पर हमला कर हाथियों ने चावल सहित राशन का बड़ा हिस्सा खा लिया और घरेलू सामान तहस-नहस कर दिया। अचानक तेज धमाके और चिंघाड़ सुनकर गंगाबाई बच्चों को लेकर भागती हुई गांव के चौक पहुंची और ग्रामीणों को पूरी घटना बताई।

इसके बाद ग्रामीण लाठी-डंडे और मशाल लेकर मौके पर पहुँचे और शोर-गुल कर हाथियों को भगाने की कोशिश की।

गंगाबाई के घर में रखा बहुत सा सामान हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार घर की चार कुर्सियाँ टूट गईं, सोलर पैनल लाइट बर्बाद हो गया, 500 लीटर की सिंटेक्स पानी टंकी फट गई। 50 किलो चावल हाथियों ने खा लिया और कच्चा मकान लगभग पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

इन दिनों खेतों और घरों में धान भरा होने से हाथियों का यह दल लगातार गांवों की ओर रुख कर रहा है। किसानों की खरही और घरों में रखा धान हाथियों को आकर्षित कर रहा है, जिससे बस्तियों में नुकसान की घटनाएं बढ़ गई हैं। खौफ का माहौल ऐसा है कि कई ग्रामीण रात में घरों के बाहर अलाव जलाकर पहरा दे रहे हैं।

एटीआर प्रबंधन लगातार ग्रामीणों को सावधान कर रहा है कि हाथियों से दूरी बनाए रखें और किसी भी प्रकार की भिड़ंत से बचें। छपरवा सरपंच अनिल अनंत ने घटना की सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।


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