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डीजीसीए के नए नियमों की वजह से उड़ान देर से या रद्द करना पड़ रहा
रायपुर, 5 दिसंबर। चौथे दिन शुक्रवार को भी इंडिगो की उड़ानें अस्तव्यस्त रहीं। आज भी देश भर में 100 उड़ानें रद्द रहीं या देर से संचालित हुईं।
आज तो रायपुर से, मुंबई, दिल्ली कोलकाता जाने वाली फ्लाइट को रद्द कर दिया गया। वहीं हैदराबाद, सेके अलावा रायपुर-इंदौर और रायपुर-गोवा कनेक्टिंग फ्लाइट्स में भी देरी देखी गई। इन फ्लाइट के यात्री काफी परेशान हैं क्योंकि इस देरी की वजह से उनका आगे का कार्यक्रम प्रभावित हो रहा है। उन्हें, फ्लाइट के लिए इंडिगो स्टाफ काल कर बुला रहा है, एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उड़ान होगी या नहीं किसी को कोई सूचना नहीं दी जा रही। इससे वे घंटों एयरपोर्ट में फंस रहे हैं।
इससे पहले बुधवार, गुरुवार को रायपुर सेक्टर की कोलकाता एवं इंदौर होकर गोवा जाने वाली उड़ाने प्रभावित रहीं।
नए नियम के तहत क्रू मेंबर और पायलेट, को पायलट के काम करने के घंटों को निर्धारित कर दिया गया है। अब ये 8 घंटे से ज़्यादा की ड्यूटी नहीं कर सकते।मंगलवार से यह व्यवस्था लागू की गई है। और दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर दोपहर तक लगभग 200 उड़ानें रद्द कर दी गईं। इंडिगो एयरलाइन में मौजूदा अव्यवस्था और उड़ानों में हो रही देरी तथा रद्दीकरण के पीछे एक अहम वजह चालक दल की भारी कमी है, खासकर पायलटों की. यह समस्या तब शुरू हुई जब पिछले महीने संशोधित उड़ान ड्यूटी समय सीमा मानदंडों को लागू किया गया. इन नए नियमों में चालक दल के लिए ज़्यादा आराम के घंटे और अधिक मानवीय रोस्टर (काम की समय-सारणी) अनिवार्य कर दिए गए हैं. हालांकि, इंडिगो अपने विशाल उड़ान नेटवर्क को इन सख्त नए मानदंडों के अनुसार तुरंत व्यवस्थित करने के लिए संघर्ष कर रहा है, जिसके चलते उसके पास पर्याप्त संख्या में पायलट उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं और परिचालन प्रभावित हो रहा है.
सूत्रों ने बताया कि कई उड़ानें इसलिए रोकनी पड़ीं क्योंकि कोई केबिन क्रू उपलब्ध नहीं था, जबकि कुछ उड़ानों में आठ घंटे तक की देरी हुई. इंडिगो का घरेलू बाजार में 60 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा है, इसलिए इसके बाधित शेड्यूल का असर पूरे सिस्टम पर पड़ा है।


