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विश्व एड्स दिवस पर सिम्स का जीपीएम में नया एआरटी केंद्र, 210 मरीज होंगे लाभान्वित
01-Dec-2025 11:56 AM
विश्व एड्स दिवस पर सिम्स का जीपीएम में नया एआरटी केंद्र, 210 मरीज होंगे लाभान्वित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 1 दिसंबर। विश्व एड्स दिवस के मौके पर सिम्स बिलासपुर की ओर से एचआईवी/एड्स से प्रभावित मरीजों के लिए उपलब्ध सेवाओं, प्रगति और नई सुविधाओं की जानकारी साझा की गई।

प्रदेश के सबसे बड़े एआरटी केंद्रों में शामिल सिम्स कई जिलों के हजारों मरीजों के लिए उपचार, दवा वितरण और परामर्श का प्रमुख केंद्र है।

बढ़ती मरीज संख्या को देखते हुए सिम्स प्रशासन ने अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले में एक नया लिंक एआरटी केंद्र शुरू करने की घोषणा की है। यह केंद्र एक दिसंबर से सेवाएं शुरू करेगा, जिससे दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

जीपीएम में शुरू किए जा रहे लिंक एआरटी केंद्र में पहले से 210 मरीज पंजीकृत हैं।
यह केंद्र आसपास के जिलों के मरीजों के लिए भी सहूलियत बढ़ाएगा, क्योंकि उन्हें अब दवाओं और परामर्श के लिए बिलासपुर नहीं आना पड़ेगा।

सिम्स में अब तक 9413 एचआईवी मरीज पंजीकृत हैं। इनमें 5484 पुरुष, 3303 महिलाएं, 72 ट्रांसजेंडर, 300 बालक तथा 254 बालिकाएं हैं। हालांकि केवल 2025-26 में 578 नए मरीज जुड़ गए हैं। वर्तमान में 4885 मरीज एआरटी पर जीवित और उपचाररत हैं। लिंक एआरटी केंद्रों के माध्यम से 562 मरीजों को उनके नजदीकी क्षेत्रों में ही दवा उपलब्ध कराई जा रही है।

सिम्स में एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाओं के लिए उपचार, जांच, प्रसव तथा सीडी4 टेस्ट की पूरी व्यवस्था है। इस वर्ष 62 गर्भवती मरीजों को सेवा दी गई। एचआईवी मरीजों में टीबी के खतरे को देखते हुए 54 मरीजों की जांच कर उपचार शुरू किया गया है। इसके अलावा शासन की सहायता से 165 मरीजों को हर महीने 35 किलो चावल का ड्राई राशन दिया जा रहा है।

सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य हर मरीज तक समय पर जांच, उपचार और परामर्श पहुंचाना है। नए एआरटी केंद्र के साथ यह सेवा श्रृंखला और मजबूत हुई है।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि दवाइयों के साथ-साथ पोषण, परामर्श और नियमित फॉलो-अप पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मरीज पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकें।


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