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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा, "मैं सभी दलों से अपील करता हूँ कि इस शीतकालीन सत्र में, हार की घबराहट बहस का आधार नहीं बननी चाहिए. जनप्रतिनिधियों के रूप में, हमें देश के लोगों की ज़िम्मेदारी और अपेक्षाओं को पूरे संतुलन और ज़िम्मेदारी के साथ संभालना चाहिए और भविष्य को ध्यान में रखते हुए व्यवहार करना चाहिए..."
उन्होंने कहा, "यह सत्र इस पर केंद्रित होना चाहिए कि यह संसद देश के बारे में क्या सोचती है, देश के लिए क्या करना चाहती है. ध्यान इन्हीं मुद्दों पर होना चाहिए. विपक्ष को भी अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए. उन्हें ऐसे मुद्दे उठाने चाहिए, ठोस मुद्दे."
उन्होंने कहा, "उन्हें हार की निराशा से बाहर आना चाहिए. और दुर्भाग्य से, कुछ दल ऐसे भी हैं जो हार को पचा नहीं पा रहे हैं. और मैं सोच रहा था कि बिहार के नतीजों को काफ़ी समय हो चुका है, तो शायद वे अब कुछ शांत हुए होंगे. लेकिन कल जो मैंने सुना, उससे लगता है कि हार ने उन्हें अब भी परेशान कर रखा है."
उधर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर बातचीत में शामिल न होने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा, "कांग्रेस और विपक्षी उन सभी विधेयकों पर सरकार का सहयोग करना चाहते हैं, जिन्हें पेश किया जाना है. हमारा सिर्फ़ इतना कहना है कि अगर हम सभी लाए जा रहे विधेयकों पर सहयोग कर रहे हैं तो उन्हें भी विपक्ष के कुछ मुद्दों को चर्चा में जगह देनी चाहिए."
उन्होंने कहा, "अगर सरकार विपक्ष के मुद्दों को लाना चाहती है तो कामकाज के एजेंडे में उसे प्रकाशित करे. वो एक बात करते हैं और फिर बात नहीं करना चाहते...यही समस्या है."
बिहार चुनावों के बाद और देश के 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच ये संसद सत्र शुरू हो रहा है. (bbc.com/hindi)


