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राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने बिहार के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने के मुद्दे पर रेलवे के जवाब के बाद एक बार फिर से अपने आरोप को दोहराया है.
सिब्बल ने कहा, “ये कोई जवाब नहीं देंगे. अब साफ़ ज़ाहिर है कि ये ट्रेन केवल बीजेपी के वोटर्स को करनाल से ले जा रही थी..और उसका पैसा बीजेपी दे रही थी. वो ख़ुद कह रहे थे. वो कह रहे थे कि सैनी जी हमें भिजवा रहे हैं.”
सिब्बल ने रेलवे पर आरोपों को लेकर एक वीडियो भी अपने सोशल मीडिया पेज पर शेयर किया है. हालाँकि बीबीसी इस वीडियो और उनके दावों की पुष्टि नहीं करता है.
सिब्बल ने कहा, “जो मैंने कल कहा था वो सच निकला कि इन्होंने ट्रेन चलवाई और इसलिए चलवाई कि बीजेपी के जो समर्थक हैं, चाहे वो वहां (बिहार) के वोटर हों या नहीं, वहाँ वोट डालने जा रहे हैं.. यह रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट में करप्ट प्रैक्टिस बनती है.”
रविवार को सिब्बल ने दावा किया था कि बिहार चुनाव के लिए हरियाणा से क़रीब छह हज़ार लोगों को चार स्पेशल ट्रेनों के ज़रिए बिहार पहुंचाया गया.
कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया, "ये लोग या तो बिहार से हैं इसलिए वहाँ वोट करने गए या इन्हें भेजा गया है. अगर ये सही मतदाता हैं तो ख़ुद से ट्रेन लेकर जाएंगे. इन्हें स्पेशल ट्रेन की ज़रूरत नहीं है."
कपिल सिब्बल के इस आरोप पर रेल मंत्रालय ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए जवाब दिया था.
रेल मंत्रालय ने बताया था, "इस त्योहारी सीज़न में रेलवे 12 हज़ार स्पेशल ट्रेनें चला रहा है. इनमें से 10,700 ट्रेनों का समय निर्धारित है, जबकि क़रीब दो हज़ार ट्रेनों का समय निर्धारित नहीं है."
रेलवे के बयान में कहा गया, "रेलवे तीन स्तर पर वॉर रूम संचालित कर रहा है- मंडल, ज़ोन और रेलवे बोर्ड. जब भी किसी स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ अचानक बढ़ती है, तो ऐसे वक़्त पर जिन ट्रेनों का समय निर्धारित नहीं है वे तुरंत चलाई जाती हैं." (bbc.com/hindi)


