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किसानों की खड़ी फसल कटाव में नष्ट
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 14 सितंबर। डोंगरगांव क्षेत्र के दर्री गांव स्थित शिवनाथ नदी की दिशा कटाव के चलते बदल गया। एनीकट से लगे खेतों में लगातार कटाव जारी है। यह स्थिति और भी भयावह हो चुकी है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों व विभागीय लापरवाही के चलते एनीकट के समीप पुराना कटाव लगातार बढ़ रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार डोंगरगांव क्षेत्र के ग्राम दर्री स्थित शिवनाथ नदी पर एनीकट में लगातार बारिश के पानी का बहाव तेज हो गया है और एनीकट के समीप लगे खेतों में लगातार कटाव जारी है। यह स्थिति और भी भयावह इसलिए हो चुकी है, क्योंकि बारिश के मौसम के बावजूद एनीकट के गेट ही नहीं खोले। पिछले एक माह पूर्व भी इस स्थल पर यही स्थिति थी, जब नदी का पानी करोड़ों के एनीकट को नुकसान पहुंचाते एनीकट के बाहर से अपना रास्ता बनाकर बहना प्रारंभ कर दिया था।
इस स्थिति को देखते अधिकारियों ने कोई सीख नहीं ली। मौके पर पानी कम होने के बाद बोरियों में रेत भरकर पानी को साधने की कोशिश में लगे रहे और बाढ़ की स्थिति एक बार फिर आने पर स्थिति भयावह हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार चल रही बारिश के चलते शिवनाथ नदी पर बने दर्री-मटिया एनीकट का एप्रोच रोड पूरी तरह से बह गया था, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई। इधर मंगलवार को कुछ किसानों की खड़ी फसल के साथ जमीन बहने की खबर है।
इधर कुछ किसानों का कहना है कि लगभग एक एकड़ की जमीन इस कटाव में बह गई है। जिसमें धान का फसल लगाया था। किसानों ने शासन से अपने खेत का पटाव और मुआवजे की मांग की है। वहीं एक अन्य किसान ने कहा कि अपने 35 डिसमिल जमीन में सब्जी की फसल लेकर अपने परिवार का भरण पोषण करता है, लेकिन इस वर्ष की बाढ़ के चलते फसल सहित पूरा खेत ही बह गया और अब भरण पोषण की समस्या खड़ी होगी। वहीं एक अन्य किसान ने कहा कि उसका 25 डिसमिल खेत नदी के बाढ़ में प्रभावित हुआ है। एक अन्य किसान ने कहा कि 26 डिसमिल खेत में धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गया और फसल के साथ पूरा खेत ही बह गया। किसानों का कहना है कि विभागीय लापरवाही की वजह से हुए नुकसान का सरकार को शीघ्र ही उचित मुआवजा देना चाहिए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सरकार को कार्रवाई भी करनी चाहिए।


