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नयी दिल्ली, 26 मई। दिल्ली के नव नियुक्त उपराज्यपाल विनय कमार सक्सेना के शपथ ग्रहण समारोह में बैठने की व्यवस्था से नाराज भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन समारोह बीच में छोड़ कर राजनिवास से बाहर चले गये ।
हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा कि एक अधिकारी आ कर उनसे सीट खाली करने के लिये बोला और कहा कि यह सीट आरक्षित है। चांदनी चौक से भाजपा सांसद ने कहा कि 15 मिनट इंतजार करने के बाद जब उन्हें कोई सीट नहीं दी गई तो वह कार्यक्रम स्थल से चले गए।
वर्धन ने हिंदी में ट्वीट कर कहा, ‘‘मीडिया में गलत रिपोर्टिंग की जा रही है कि मनपसंद सीट नहीं मिलने के कारण मैं उपराज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह से चला गया। एक अधिकारी ने मुझे जहां बैठाया वहां बैठ गया, दूसरे अधिकारी ने सीट रिजर्व बता कर उठा दिया तो उठ गया । 15 मिनट इंतजार किया कि कहीं सीट दी जाएगी। नहीं दी, तो लौट आया ।’’
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हर्षवर्धन ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘बहुत अफसोस है कि मैं जिस दिल्ली का सांसद हूं, और जहां सार्वजनिक जीवन में हमेशा सक्रिय रहा, वहां के नये उपराज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सका । नये उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना और दिल्ली की जनता को बहुत बधाई। निश्चय ही, आपके कार्यकाल में दिल्ली सर्वोतम शहर बनकर उभरेगी।’’
इससे पहले, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में पूर्व केंद्रीय मंत्री को समारोह स्थल से बाहर जाते हुये देखा गया । उन्होंने कहा, ‘‘मैं विनय कुमार सक्सेना जी को लिखूंगा कि यह बैठने की व्यवस्था है?’’
वीडियो में वह कहते सुने जा सकते हैं, ‘‘उन्होंने सांसदों के लिये भी सीटों का इंतजाम नहीं किया ।’’
दिल्ली के 22 वें उपराज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद इस बारे में पूछे जाने पर सक्सेना ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कोई टिप्पणी नहीं की ।
उपराज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के सातों लोकसभा सदस्यों समेत दिल्ली के सभी सांसदों को आमंत्रित किया गया था । उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी एवं पश्चिम दिल्ली के सांसद परवेश वर्मा को सोफे पर पिछली पंक्ति में बैठे देखा गया । इस समारोह में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और मीनाक्षी लेखी भी मौजूद थीं ।
इस मामले में उपराज्यपाल कार्यालय से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। (भाषा)


