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बेदखल करने के आदेश पर रोक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर / रायपुर, 26 मई। सेरीखेड़ी में सरकारी जमीन पर काबिज करीब डेढ़ सौ परिवारों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने कब्जा हटाने के लिए प्रशासन के आदेश पर रोक लगा दी है।
जस्टिस आरसीएस सावंत की एकल पीठ ने प्रकरण की सुनवाई की। यह बताया गया कि रायपुर से लगे सेरीखेड़ी गांव में राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों की आवासीय कॉलोनी के लिए जमीन आबंटित की गई है। उक्त जमीन पर दस साल से अधिक समय से कुल 148 परिवार मकान बनाकर रह रहे हैं। इनमें से छह मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हंै।
सरकारी जमीन पर काबिज उक्त लोगों को बेदखल करने के लिए प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया गया। 27 मई तक जमीन खाली करने के लिए नायब तहसीलदार ने नोटिस जारी किया था। इसके बाद प्रशासन द्वारा कब्जा हटाने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इसके खिलाफ कब्जाधारियों ने पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत ठाकुर के माध्यम से जनहित याचिका दायर कर प्रशासन की कार्रवाई पर रोक लगाने का आग्रह किया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा कि आवासीय प्रोजेक्ट के लिए आबंटित जमीन पर काबिज ये लोग दस साल से अधिक समय से वहां रह रहे हैं। वे जमीन छोडऩे से पहले विस्थापन चाहते हैं।
यह कहा गया कि जमीन पर से कब्जा हटाने से पूर्व काबिज लोगों का विस्थापन किया जाए। कोर्ट ने संबंधित पक्षों की दलील सुनने के बाद कब्जा हटाने के आदेश पर रोक लगा दी है।


