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कोयला खदान जल्द शुरू करने राजस्थान का दबाव, सरगुजा के अधिकारियों से मिलकर आंदोलन खत्म कराने की मांग
26-May-2022 3:50 PM
कोयला खदान जल्द शुरू करने राजस्थान का दबाव, सरगुजा के अधिकारियों से मिलकर आंदोलन खत्म कराने की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 26 मई।
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) के मैनेजिंग डायरेक्टर ने सरगुजा में अधिकारियों से मिलकर मांग की है कि हसदेव अरण्य के परसा ब्लॉक में कोयला के खिलाफ किए जा रहे आंदोलन को जल्दी समाप्त कराएं ताकि वहां से उत्खनन शुरू किया जा सके।

एमडी आरके शर्मा ने कलेक्टर संजीव कुमार झा, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता और सूरजपुर कलेक्टर इफ्फत आरा से मुलाकात कर पीईकेबी (परसा ईस्ट केते बासेन) एक्सटेंशन और परसा खदान की अड़चनों को दूर कर खनन शुरू करने में सहायता मांगी। एमडी शर्मा का कहना है कि इस समय पीईकेबी में ही कोयला उत्पादन हो रहा है बाकी दो की प्रक्रियाओं में अभी कई अड़चनें आ रही हैं। इन खदानों के लिए राजस्थान को राज्य और केंद्र सरकारों से सभी जरूरी अनुमति मिल चुकी है। पर कुछ लोगों के विरोध में आ जाने के कारण शेष दोनों खदानों में उत्पादन शुरू नहीं हो पा रहा है। विरोध करने वालों को उचित माध्यम से वार्तालाप कर समझाना चाहिए।

शर्मा ने हवाला दिया है कि जून पहले सप्ताह तक के लिए राजस्थान के पास कोयला शेष है। यदि कोयला खनन की अनुमति शीघ्र नहीं मिलती है तो बिजली घरों में आपूर्ति बंद हो जाएगी और ब्लैक आउट की स्थिति पैदा हो जाएगी। राजस्थान की मुख्य सचिव उषा शर्मा ने भी छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को पत्र लिखकर बिजली संकट से अवगत कराया है।

खदान खुलने के फायदे गिनाये..
आरआरयूवीएनएल के एमडी शर्मा ने मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इन खदानों को खुलने से इलाके के आदिवासियों को फायदा होगा। आरआरवीयूएनएल साल्ही में 100 बिस्तरों का एक अस्पताल खोलने जा रहा है। इस समय जो स्कूल चल रहा है उसमें 12वीं तक की कक्षायें शुरू की जाएंगीं। इसके अलावा विकास के कई अन्य कार्य कराये जाएंगे। हम जितना पेड़ काटेंगे, उससे चार गुना ज्यादा लगाएंगे। शर्मा ने उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि देश को बिजली चाहिये तो कोयले की जरूरत तो पड़ेगी। जंगल को बचाने के लिए वन अधिनियम और पर्यावरण कानून हैं।


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