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दिवंगतों के परिजनों का सम्मान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 25 मई। झीरम घाटी के शहीदों के परिजनों को बुधवार को विधानसभा परिसर में सम्मानित किया गया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विपिन त्रिपाठी द्वारा लिखित पुस्तक ‘झीरम के वीरों’ का विमोचन किया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि घटना के तह तक जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि घटना के लिए जो भी दोषी है, उसका पटाक्षेप होना चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
डॉ. महंत ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि यह घटना मानवीय बर्बरता का ऐसा अध्याय है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, और राजीव गांधी के सपनों में पले लोग है। उन्होंने घटना को याद करते हुए कहा कि वो खुद इस यात्रा में शामिल थे, लेकिन केंद्रीय राज्यमंत्री होने के नाते जरूरी काम से उसी दिन पूणे के कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए रवाना हुए थे।
कार्यक्रम में झीरम घाटी में शहीद हुए स्व. विद्याचरण शुक्ल, प्रफुल्ल शुक्ला, पवन कुंड्रा, तरूण देशमुख, पातरिक खलखो, इमानुएल केरकेटा, अशोक वर्मा, सियाराम सिंह, दीपक उपाध्याय, गोपी वाधवानी, और स्व. राजेंद्र चंद्राकर के परिजनों को साल व श्रीफल देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम को वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैय्यर, अमितेश शुक्ला, राजेंद्र तिवारी, राजकमल सिंघानिया, और गुरुमुख सिंह होरा ने संबोधित किया।


