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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 4 मार्च। राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के कोरबा कलेक्टर पर भ्रष्टाचार के आरोप पर राजनीतिक हलको में खलबली मच गई है। खबर है कि सीएस ने इस पूरे मामले में कलेक्टर से चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली है। कहा जा रहा है कि सीएम भूपेश बघेल शनिवार को रायपुर लौटने के बाद राजस्व मंत्री के आरोपों को संज्ञान में ले सकते हैं।
राजस्व मंत्री ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कोरबा जिले में कलेक्टर रानू साहू पर सड़क निर्माण कार्यों में अड़ंगा डालने का आरोप लगा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी जिले में कलेक्टर सड़क निर्माण कार्य को रोकने का काम नहीं करते हैं। सिर्फ कोरबा जिले में ऐसा हो रहा है। उन्होंने यह भी कह दिया कि निजी स्वार्थ के चलते कलेक्टर सड़क निर्माण कार्य रोक रही हैं।
अग्रवाल यही नहीं रूके, उन्होंने कलेक्टर पर सीधे-सीधे भ्रष्टाचार का आरोप लगा दिया। राजस्व मंत्री ने आगे यह भी कह गए कि वो बालोद कलेक्टर, डायरेक्टर हेल्थ और जीएसटी कमिश्नर रहते हुए इसी तरह काम करती रही हैं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी एक तरह से अग्रवाल का समर्थन किया है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कलेक्टर का सीधे तौर पर नाम तो नहीं लिया, लेकिन कोरबा में प्रशासनिक प्रदूषण फैलने की बात कह दी। सूत्र बताते हैं कि मंत्री के आरोपों के बाद सीएस अमिताभ जैन ने कलेक्टर रानू साहू से सड़क निर्माण कार्यों को लेकर जानकारी मांगी है।
यह कहा गया है कि सड़क निर्माण कार्य में देरी की एक प्रमुख वजह मुआवजा वितरण में गड़बड़ी भी है। चर्चा है कि कई अपात्र लोगों को मुआवजा मिल गया है। जिसकी जांच चल रही है। इसमें कई प्रभावशाली लोग भी हैं। सीएम भूपेश बघेल शनिवार को उत्तरप्रदेश चुनाव प्रचार से लौटेंगे। और वे इस पूरे मामले को लेकर जानकारी लेंगे। विधानसभा का बजट सत्र 7 मार्च से शुरू हो रहा है, और विपक्ष मंत्री के आरोपों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी कर रहा है।


