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यूक्रेन के बंकर में शरण
विनोद नामदेव
गंडई, 28 फरवरी ('छत्तीसगढ़' संवाददाता)। यूक्रेन-रूस के बीच छिड़ी जंग में भारतीय मेडिकल विद्यार्थियों के लिए आफत खड़ी हो गई है। रूस के हमले के बीच राजनांदगांव जिले की गंडई की एक छात्रा भी युद्ध के बाद से बंकर में शरण लिए हुए है। रूस के भीषण प्रहार के साथ-साथ मौसम भी विद्यार्थियों के लिए भारी पड़ रहा है। लगातार बमबारी के बीच इस बर्फीले देश का तापमान माइनस डिग्री हो गया है।
खारकीव नेशनल मेडिकल कॉलेज की छात्रा श्रुति रानी रात्रे मेट्रो ट्रेन के बंकर अस्थाई ठिकाना बनाए हुए हैं। श्रुति गंडई के पूर्व मंडी अध्यक्ष व भाजपा नेता जीवनदास रात्रे की सुपुत्री है। वह 4 माह पूर्व चिकित्सकीय शिक्षा के लिए यूक्रेन के कॉलेज में दाखिल हुई थी। दाखिले के बाद से ही यूक्रेन और रूस के बीच तल्खियां बढ़ रही थी। कॉलेज प्रबंधन ने विद्यार्थियों को युद्ध की संभावना नहीं होने के चलते खारकीव में ही रखा था। रूसी मिसाईल छूटते ही प्रबंधन ने विद्यार्थियों को भी भगवान भरोसे छोड़ दिया। पिछले कुछ दिनों से श्रुति अपने सहपाठियों के साथ मेट्रो ट्रेन के बंकर में ठहरी हुई है। परिजनों से वह वाट्सअप कॉल के जरिये संपर्क में है। पिता अपने पुत्री की वापसी के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। पूर्व सांसद मधुसूदन यादव ने भी श्रुति के माता-पिता से बातचीत की है। श्रुति के हवाले से परिजनों ने बताया कि खानपान की समस्या खड़ी हो गई है। पानी से लेकर खाद्य वस्तुओं के दाम बेतहाशा बढ़े हुए हैं। वहीं बाहर निकलने पर जान जोखिम उठाना पड़ रहा है।
यूक्रेन में युद्ध से बदले हालात के बीच परिजन वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। केंद्र और राज्य सरकार से परिजनों ने श्रुति समेत छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों की वापसी में पहल करने की अपील की है।


