ताजा खबर
प्रशासन-पुलिस की कोशिश से कांकेर का परतापुर-कटगांव मार्ग बनेगा मील का पत्थर
परतापुर से लौटकर प्रदीप मेश्राम की विशेष रिपोर्ट
रायपुर, 21 फरवरी (छत्तीसगढ़ संवाददाता)। भौगौलिक रूप से बस्तर रेंज का सबसे बड़ा जिला कांकेर हाल ही के बरसों में नक्सलगढ़ में रफ्तार के साथ विकास कर रहा है। सागौन-सरई के जंगल से लदी पहाडिय़ों को चीरकर कांकेर पुलिस पखांजूर अनुभाग के भीतरी गांवों में उन रास्तों में सडक़ों का जाल फैला रहा है, जहां की मिट्टी में जवानों की शहादत का खून मिला है।
चरमपंथियों की दखल वाले इलाकों में सुरक्षाबलों की मौजूदगी से न सिर्फ विकास के द्वार खुले हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अब अपना भविष्य सुनहरा लग रहा है। कांकेर के उत्तर-दक्षिण भाग में स्थित परतापुर-कटगांव मार्ग में बिछा डामर पुलिस की कुर्बानी का असल गवाह है। करीब 12 किमी के लंबे कच्चे मार्ग को डामर की सडक़ बनाने के लिए जवानों ने सडक़ निर्माण मशीनों और मजदूरों की चौकसी की। पुलिस के लिए यह मार्ग इसलिए भी मायने रखता है कि इससे नारायणपुर की आवाजाही का फासला बेहद कम हो जाएगा। अभी पंखाजूर और नारायणपुर के लोगों के लिए एक-दूसरे के यहां आने-जाने में 150 किमी का सफर तय करना पड़ता है। परतापुर-कटगांव मार्ग के जरिए यात्रा की दूरी लगभग 70-80 किमी रह जाएगी। इस मार्ग में फिलहाल गिनती की ही आवाजाही है।
डामर की बिछी नई चौड़ी सडक़ फोर्स का सम्मान भी बढ़ा रही है। परतापुर-कटगांव का रास्ता नक्सलियों के लिए फोर्स को टारगेट बनाने का मुफीद रास्ता रहा है। नया रास्ता देखकर इस इलाके के आदिवासियों को अपना भविष्य सुनहरा लग रहा है। 12 किमी की दूरी वाले इस मार्ग के निर्माण में फोर्स को नक्सलियों से कई बार भिडऩा पड़ा। नक्सलियों ने इस मार्ग में अड़चनें पैदा करने के लिए आईईडी से विस्फोट भी किए। इस मार्ग की सुरक्षा में लगे 4 जवानों की शहादत भी झेलनी पड़ी। नक्सलियों को करारा जवाब देने के लिए फोर्स ने हर थोड़े दिन के अंतराल में नक्सलियों के मुठभेड़ का करारा जवाब दिया। कई घुमावदार मोड़ को सीधा करने के दौरान नक्सलियों के गुरिल्ला लड़ाई का जवानों ने सटीक जवाब दिया। शहादत और कई हिंसक घटनाओं के बाद तैयार हुआ यह मार्ग पंखाजूर अनुभाग के लगभग 2 लाख की आबादी को सीधे नारायणपुर से जोड़ेगा। परतापुर-कटगांव मार्ग कांकेर के इस बीहड़ हिस्से के लिए लाईफ लाइन साबित होगा।
मुसर्दी पहाड़ और पुल
इन जगहों पर हुए थे नक्सल हमले
पुराने परतापुर-कटगांव मार्ग में नक्सलियों ने फोर्स पर जानलेवा हमला किया था। जिसमें मूसर्दी नाला एक ऐसे जगह स्थित है, जहां नक्सल हमले में चार जवान शहीद हुए थे। वहीं पुल के थोड़ा आगे मूसरदीन पहाड़ में बम बरामद हुए थे। इस पहाड़ में नक्सलियों ने फोर्स पर फायरिंग भी की थी। अब इस पहाड़ की तस्वीर नए मार्ग से बदल गई है। मुठभेड़ स्थल पर एक मंदिर भी तैयार हो गया है।
भविष्य संवरने की आस में ग्रामीण
डामर की बिछी सडक़ को 18 वर्षीय सविता अपने जीवन से जोडकऱ देखती है। सविता ने हमेशा उबडख़ाबड़ और पथरीले रास्तों में ही दौड़-भाग की है। अब वह नई सडक़ से तय समय पर गंतव्य तक पहुंचेगी। साथ ही उसके कामकाज के मियाद भी एक निश्चित स्वरूप में होगी। सविता का कहना है कि नई सडक़ से परोक्ष और अपरोक्ष रूप से ग्रामीणों की दशा और दिशा बदलेगा।
युवा रंजीत पटेल को नई सडक़ निर्माण से व्यक्तिगत लाभ मिलने की उम्मीद है। उनका कहना है कि खराब रास्ते के कारण आवाजाही कम थी। अब इस रास्ते में जैसे ही लोगों की रफ्तार बढ़ेगी उससे उनके जीवन को भी गति मिलेगी।
35 वर्षीय गौतम नरवास परतापुर मार्ग को युवा पीढ़ी की तकदीर को बदलने का दावा करते कहते हैं कि यह रास्ता इलाके की न सिर्फ किस्मत बल्कि नए पीढ़ी की आर्थिक जीवन को ऊंचाईयों तक पहुंचाएगा। नया रास्ता बनने से कारोबार और दूसरे व्यापारिक कामकाज होंगे। इससे इलाके का पिछड़ापन भी दूर होगा।
युवा संजय देहारी बेरोजगारी का दंश झेलते शिक्षित युवाओं के लिए मार्ग को एक उम्मीद के रूप में देखते हैं। उनका कहना है कि नए रास्ते से विकास के द्वार खुलेंगे। इसमें युवाओं का जीवन स्तर बदलेगा। ग्रामीण भी इस रास्ते को अपने लिए कारगर मानते हैं।

अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा से जोडऩे सरकार प्रतिबद्ध-एसपी सिन्हा
घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सडक़ों का जाल फैलाने के लिए प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नक्सल मोर्चे में डटी कांकेर पुलिस के प्रमुख एसपी शलभ सिन्हा का कहना है कि मुख्यमंत्री के विकास के प्रति संवेदनशीलता के आधार पर कांकेर के अंतिम व्यक्ति को मुख्यधारा में जोडऩे के लिए सडक़ों का जाल बिछाया जा रहा है। प्रशासन के साथ पुलिस सडक़ निर्माण में एक सहयोगी के रूप में डटी हुई है। एसपी सिन्हा ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि घनघोर इलाकों में सडक़ निर्माण नक्सल उपद्रव के कारण हमेशा चुनौती रही है। इस बार पुलिस ने अपनी लगन और साहस के दम पर उन इलाकों में सडक़ें बना रही है, जहां से अब विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।


