ताजा खबर
यूपी चुनाव: आवारा पशुओं का आतंक, मौतें और संघर्षयूपी चुनाव: आवारा पशुओं का आतंक, मौतें और संघर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि खुले में घूम रहे पशुओं से जो परेशानी होती उसे दूर करने के लिए 10 मार्च के बाद नई व्यवस्था बनाई जाएगी. 10 मार्च को वोटों की गिनती होनी है.
जब प्रधानमंत्री ने यह घोषणा की तो लोगों ने ताली बजाकर स्वागत किया. पीएम मोदी ने कहा, ''आपलोग को छुट्टा जानवरों से जो परेशानी होती है, उसे दूर करने के लिए 10 मार्च के बाद नई व्यवस्थाएं बनेंगी. उन्नाव के भाइयों और बहनों, मेरे ये शब्द लिखकर रखिए, ये मोदी बोल रहा है. और आपके आशीर्वाद के साथ बोल रहा है.''
पीएम मोदी ने कहा, ''जो पशु दूध नहीं देता है, उसके गोबर से भी आय हो, ऐसी व्यवस्था मैं आपके सामने खड़ी कर दूंगा. और एक दिन ऐसा आएगा कि छुट्टा पशु जो हैं न, लोगों को लगेगा कि यार इसे भी बांध लो, इससे भी कमाई होने वाली है.''
उत्तर प्रदेश में अभी यह बहुत गंभीर समस्या है कि खुले में घूम रहे पशु खेतों में जाकर फसल बर्बाद करते हैं और लोगों पर हमले भी कर देते हैं. ये फसलों को खाने से ज़्यादा रौंद देते हैं.
बुंदेलखंड के लोग इस समस्या से सबसे ज़्यादा जूझ रहे हैं. किसानों का कहना है कि 2017 में बीजेपी के आने के बाद से यह समस्या और बढ़ी है क्योंकि स्थानीय पशु बाज़ार ध्वस्त हो गए हैं, जानवरों की ढुलाई बंद है, अवैध बूचड़खाने बंद हैं और गाय संरक्षण नीति भी लागू है.
किसानों को इससे बड़ा आर्थिक नुक़सान हो रहा है और वे रात रात भर जगकर फसलों की रखवाली करते हैं. इस समस्या से निपटने के लिए किसानों ने अतिरिक्त खर्च कर अपने खेतों को तारों से घेरा भी है. खूले में घूम रहे सांड तो लोगों पर हमले कर देता है. समाजवादी पार्टी ने वादा किया है कि सत्ता में आने के बाद सांडों के हमले में मृत परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को चुनावी अभियान में भी जमकर उठाया है. अखिलेश यादव ने अपने भाषणों में कहा है कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो बाबा, बुल और बुल्डोज़र से मुक्ति मिलेगी. कहा जा रहा है कि ग्रामीण भारत में आवारा पशुओं का मुद्दा बहुत प्रभावी हो सकता है.(bbc.com)


