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नवा रायपुर के किसानों की 6 मांगें सरकार को मंजूर, आदेश सोमवार को जारी होंगे
राहुल से मिलने के ऐलान के बाद सरकार का कदम
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 20 फरवरी। नवा रायपुर के प्रभावित किसानों का आंदोलन 48 दिन पूरे कर रहा है। इस बीच इन किसानों ने सरकार के रूख को देखते हुए दिल्ली जाकर राहुल गांधी से मिलने की घोषणा की थी। इसके बाद रविवार को कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षता वाली कैबिनेट उप समिति ने बैठक कर किसानों की 8 में से 6 मांगों को पूरा करने की सहमति दे दी है। इसके आदेश सोमवार को जारी किए जाएंगे।
उप समिति की बैठक के बाद मंत्री चौबे ने पत्रकारों को बताया कि किसानों की मांगों पर निर्णय शासन की 12वीं बैठक में बनी सहमति के आधार पर लिए गए हैं। यह बैठक कांग्रेस सरकार बनने के पहले हुई थी। आज हुए निर्णय के संबंध में बताया कि एनआरडीए की ऑडिट आपत्ति के कारण किसानों को देय वार्षिकीय रोका गया है। वे इन आपत्तियों का निराकरण चाहते थे। जिसे स्वीकार कर लिया गया है। इसी तरह से नवा रायपुर प्राधिकरण के विभिन्न टेंडरों में 60 प्रतिशत प्रभावित क्षेत्र के युवक-युवतियों को कर्मचारियों के रूप में नियुक्त करने के अनिवार्यता की जा रही है। यह व्यवस्था अप्रैल में होने वाले टेंडरों में लागू हो जाएगी।
चौबे ने बताया कि किसानों ने मांग की थी कि एनआरडीए के क्षेत्र में बने दुकान, गुमटी, चबूतरे नीलामी के बजाए प्रभावितों को दिया जाए। इस पर यह निर्णय हुआ कि प्रभावितों से आवेदन लेकर लॉटरी के जरिए लागत मूल्य पर इनका आबंटन होगा। अभी इलाके में 57 दुकानें, 4 बड़े हाल, 12 गुमटियां, 71 चबूतरे रिक्त हैं। किसानों ने एनआरडीए के पूरे इलाके में जमीनों की खरीदी-बिक्री में रोक हटाने कहा था। उप समिति ने 41 में से 27 गांवों में खरीदी बिक्री के लिए एनओसी की अनिवार्यता खत्म कर दी है।
इन गांवों में लेयर-2 के कोहेरा, परसदा, पलौद, कोटनी, तांदूल, खड़वा, भेलवा, पौंता चेरिया, कुरू, तेंदूआ, माना, बनरसी, नकटी, मंदिरहसौद, उमरिया, रणचंडी, परसट्टी, केन्द्री, बेन्द्री, झांकी, और साथ लगे गांव शामिल हैं। ये सब एनओसी से मुक्त कर दिए गए हैं। मंत्री चौबे ने बताया कि शेष दो मांगों पर चर्चा जारी है। उन्होंने किसानों से अपना आंदोलन खत्म करने कहा है।


