खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
खैरागढ़, 29 अप्रैल। जिला पंचायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई की बैठक में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत प्रस्तावित संशोधनों में कथित बाधा उत्पन्न करने को लेकर विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कड़े शब्दों में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराया।
बैठक के दौरान सदस्यों ने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त किया गया था, जो देश की आधी आबादी को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उनका आरोप था कि विपक्ष ने इस प्रक्रिया में बाधा डालकर महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है। जनप्रतिनिधियों ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए इसे नकारात्मक राजनीति करार दिया। उनका कहना था कि जहां केंद्र सरकार महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत है, वहीं विपक्ष इस दिशा में रुकावट पैदा कर रहा है। सदस्यों ने इसे महिलाओं के उत्थान में बाधा बताते हुए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
जिला पंचायत के सदस्यों ने यह भी कहा कि यह विधेयक देश की महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। इसे रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और महिलाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान है।
बैठक के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों ने काली टोपी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी के माध्यम से अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने चेतावनी दी कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर जिला पंचायत जन-जन तक पहुंचेगी और विरोध जारी रखेगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्मन ताम्रकार ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रहेगा और इस तरह के कृत्य लोकतंत्र के इतिहास में नकारात्मक उदाहरण के रूप में याद किए जाएंगे।
इस दौरान जिला भाजपा महामंत्री शशांक ताम्रकार, सांसद प्रतिनिधि खम्हन ताम्रकार, सभापति, दिनेश वर्मा, अरुणा बनाफर, जमुना कुर्रे, हेमा मंडावी, निजाम मंडावी, नरेश कुर्रे उपस्थित थे।


