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संगीत और ललित कला जीवन का हिस्सा -रमेन डेका
22-Nov-2025 3:26 PM
संगीत और ललित कला जीवन का हिस्सा -रमेन डेका

तीन दिनी खैरागढ़ महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल

. ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

खैरागढ़, 22 नवंबर। कला और ललित कला को समर्पित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के तीन दिवसीय महोत्सव के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव से आम लोगों का संस्कृति से जुड़ाव होता है और ख्याति भी बढ़ती है।

आगे कहा कि संगीत और ललित कला हमारे जीवन का अटूट हिस्सा है। आध्यात्मिक, मन की शांति और सुकून ललित कलाओं से ही मिलती है। उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि जब मेरे दांत में दर्द था और इलाज के लिए डॉक्टर के पास गया तो उन्होंने पहले संगीत चलाया।  मेरे पूछे जाने पर डॉक्टर ने कहा कि संगीत के माध्यम से आपका ध्यान संगीत की ओर होगा तथा दर्द महसूस नहीं होगा। यह हमारे शास्त्रीय संगीत की ताकत है। संगीत में सात स्वर है, जो सबको एक कर दे। हमारा भारतीय शास्त्रीय संगीत अद्भुत है, इसका अनुसरण करना चाहिए और पाश्चात्य की होड़ से बचना होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि हमें ग्रामीण परिवेश के शिल्पकारों की आदर करना चाहिए क्योंकि यही शिल्पकार, संगीतकार, कलाकार हैं जो हमारे संस्कृति को बचाकर रखे हुए हैं।

विशिष्ट अतिथि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यहां पढऩे पढ़ाने वालों को गौरव महसूस करना चाहिए की आप उस विश्वविद्यालय में है, जिसका विश्व में नाम है। आगे कहा कि संगीत और कला मनोरंजन का साधन नहीं है अपितु इससे मनुष्य के मन, बुद्धि, शरीर और आत्मा को शांति मिलती है। आज यह बात सिद्ध हो गया है की संगीत से ऊर्जा मिलती है।

 श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में विकसित लोक कला के स्वरूप एवं स्टेप के प्रति ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कुलपति को आश्वस्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के विकास के लिए दिल्ली में जो भी काम पेंडिंग होगा, उसे मैं अवश्य पूरा करूंगा।

खैरागढ़ की विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने कहा- हमारा यह विश्वविद्यालय राजा रानी की दानशीलता का प्रतिफल है। हम सबको मिलकर इसको विश्व की ऊंचाइयों तक ले जाना है। यह विश्वविद्यालय सात स्वरों का संगम है, जिसमें सभी कलाएं शामिल है।

 

विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने कहा- हमारे विश्वविद्यालय के विकास के लिए माननीय कुलाधिपति महोदय का मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है, जिससे हम अपेक्षित लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। कुलपति ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विशेष रूप से राज्यपाल के संबंध में बताया- आप अस्वस्थ होते हुए भी आज हमारे बीच उपस्थित हुए हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा गोद लिए ग्राम सोनपुरी, हमर गांव सुघ्घर गांव सोनपुरी गीत का विमोचन किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत नृत्य संकाय के विद्यार्थियों द्वारा कथक एवं भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसे राज्यपाल ने काफी सराहा और उनके बीच उपस्थित होकर फोटोग्राफी सेशन कराया।

बाद में उस्ताद सिराज अली खान कोलकाता का सरोद वादन, पंडित संजू सहाय लंदन का तबला वादन, विदुषी शमा भाटे एवं समूह पुणे का कथक नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें राम कथा को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया । अंत में अनुराग धारा सांस्कृतिक मंच अनुराग धारा के कविता वासनिक एवं समूह राजनांदगांव के द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं नृत्य प्रस्तुत किया गया।

तीन दिवसीय खैरागढ़ महोत्सव में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी के प्रति डॉ. राजन यादव द्वारा आभार प्रदर्शित किया गया।-


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