कवर्धा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कवर्धा, 29 जनवरी। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, कवर्धा द्वारा गन्ना किसानों को 7.95 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है। कारखाना प्रबंधन के अनुसार अब तक कुल 39.84 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। कारखाना प्रबंधन ने बताया कि कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में गन्ना किसानों को भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
पेराई व उत्पादन में निरंतर प्रगति
कारखाना प्रबंधन के अनुसार पेराई सत्र में अब तक 1,96,010 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जिससे 2,24,157 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है।
सहकारिता की भावना को मजबूत करने की अपील
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना प्रबंधन ने अपने शेयरधारक सदस्य किसानों एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से सर्वे के अनुरूप गन्ना आपूर्ति करने की अपील की है। प्रबंधन ने इसे किसी प्रकार की चेतावनी नहीं, बल्कि सहकारिता को मजबूत करने और किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने का साझा अवसर बताया है।
प्रबंधन के अनुसार विगत पेराई सत्र 2024-25 एवं वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 में सर्वे अनुमान के अनुसार गन्ना आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण कारखाने की पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो सका, जिससे पेराई अवधि प्रभावित हुई।
प्रबंधन ने कहा कि पर्याप्त गन्ना आपूर्ति होने से पेराई अवधि बढ़ाई जा सकती है, उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों को भुगतान की प्रक्रिया को बनाए रखने में सुविधा होगी।
उपविधि से संबंधित जानकारी
कारखाना प्रबंधन ने बताया कि कारखाने की पंजीकृत उपविधि धारा 07(02)(घ) के अंतर्गत सदस्य किसानों के लिए उत्पादित गन्ने की आपूर्ति कारखाने में करना अनिवार्य है। वहीं उपविधि धारा 09(क)(05) के अनुसार, यदि कोई सदस्य लगातार सर्वे के अनुरूप गन्ना आपूर्ति नहीं करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि इन प्रावधानों का उद्देश्य सहकारी संस्था के संचालन को बनाए रखना है।
अन्य सुविधाओं की जानकारी
कारखाना प्रबंधन के अनुसार किसानों को शक्कर मूल्य के अतिरिक्त रिकवरी की राशि एवं शासन द्वारा घोषित बोनस का भुगतान किया जाता है। शासन के सहयोग से किसानों को रियायती दर पर शक्कर का वितरण किया जाता है। गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाते हैं तथा किसानों को प्रशिक्षण के लिए संस्थानों में भेजा जाता है।
इसके अलावा कारखाना परिसर में बलराम सदन का निर्माण किया गया है तथा श्रमिकों एवं किसानों के लिए कैंटीन का संचालन किया जा रहा है।
अंत में कारखाना प्रबंधन ने शेयरधारक सदस्य किसानों एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से सर्वे के अनुरूप गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है।


