कवर्धा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कवर्धा, 28 जनवरी। सेवा सहकारी समिति बिड़ोरा में धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर किसानों ने प्रबंधक पर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
किसानों का कहना है कि प्रति बोरी 40 किलो धान की निर्धारित मात्रा के स्थान पर 500 से 700 ग्राम अतिरिक्त धान लिया जा रहा है।
किसानों के अनुसार, जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो प्रबंधक द्वारा ‘सूखत’ का हवाला दिया गया। किसानों ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार बोरी के वजन के अतिरिक्त केवल 40 किलो धान ही तौला जाना चाहिए।
किसानों ने यह भी कहा कि समिति के प्रबंधक लंबे समय से पदस्थ हैं और यदि वे शिकायत करते हैं तो खाद, बीज अथवा कृषि ऋण से संबंधित कार्यों में परेशानी होने की आशंका रहती है, इसी कारण वे खुलकर शिकायत नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का यह भी आरोप है कि धान विक्रय के दौरान बोरी पलटी और तौल जैसे कार्य उनसे ही कराए जा रहे हैं, जबकि समिति को शासन द्वारा तौल, भराई और सिलाई के लिए नियमानुसार भुगतान किया जाता है।
इसके अलावा किसानों ने भंडारण व्यवस्था को लेकर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि धान को नमी और पानी से बचाने के लिए शासन द्वारा दो लेयर भूसा लगाने के निर्देश हैं, लेकिन समिति परिसर में केवल एक लेयर लगाई गई है। किसानों का आरोप है कि इस कार्य के लिए हर वर्ष भुगतान तो किया जाता है, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह नहीं की जाती।
किसानों ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान मामले की जांच कर संबंधित प्रबंधक पर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में समिति प्रबंधन या विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आ सका है।


