कवर्धा

बाबा के सत्य, अहिंसा और समानता के सिद्धांत आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक -भूपेश
02-Jan-2026 3:53 PM
बाबा के सत्य, अहिंसा और समानता के सिद्धांत आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक -भूपेश

गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल हुए पूर्व सीएम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कवर्धा, 2 जनवरी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव  भूपेश बघेल एकदिवसीय दौरे पर कवर्धा जिले में रहे। इस दौरान उन्होंने ग्राम सनकपाट एवं ग्राम खरहटा में आयोजित गुरु घासीदास जयंती समारोह में सहभागिता की।

दौरे के दौरान श्री बघेल माँ नर्मदा दर्शन कर मध्य प्रदेश होते हुए छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित ग्राम भेलकी पहुंचे। यहां जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम के अध्यक्ष श्री नवीन जायसवाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उनका स्वागत किया।

 

इसके पश्चात श्री बघेल ग्राम सनकपाट एवं खरहटा पहुंचे, जहां आयोजित गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम में उन्होंने गुरु घासीदास बाबा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और जैतखाम में दर्शन–पूजन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री बघेल ने उपस्थित लोगों को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गुरु घासीदास बाबा के जीवन और उनके संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य, अहिंसा और समानता के सिद्धांत आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने लोगों से बाबा के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। श्री बघेल ने वर्तमान राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और किसान तथा आम नागरिक विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। यह बातें उन्होंने मंच से अपने राजनीतिक वक्तव्य के रूप में रखीं।  कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी कवर्धा के अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने भी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास बाबा के विचार सामाजिक समानता और मानवता पर आधारित हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की नीतियों को इन विचारों से प्रेरित बताया और पूर्ववर्ती सरकार के दौरान किए गए कार्यों का उल्लेख किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक ममता चंद्रकार, नीलकंठ चंद्रवंशी, पूर्व जिला अध्यक्ष होरीराम साहू, जिला पंचायत सदस्य अन्नपूर्णा चंद्रकार सहित कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में सतनामी समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों को अपनाने और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया।


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