कवर्धा
लापरवाही का आरोप, कांग्रेस का घेराव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बोड़ला,13 दिसंबर। जिला अस्पताल में तीन दिन की नवजात शिशु की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया। गोछिया निवासी पार्वती साहू की तीन दिन की बच्ची की तबीयत सोमवार सुबह करीब 5 बजे अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उसे तुरंत आईसीयू ले गए।
परिजनों का आरोप है कि जब वे आईसीयू पहुंचे, उस समय वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। मौजूद नर्स ने उन्हें पहले पर्ची कटवाने को कहा, जबकि सुबह 5 बजे रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद होता है। परिजनों का कहना है कि समय पर इलाज न मिलने से नवजात ने दम तोड़ दिया।
अस्पताल प्रबंधन पर गम्भीर आरोप
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि तुरंत उपचार शुरू किया गया होता, तो बच्ची की जान बच सकती थी। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि कांग्रेस नेताओं द्वारा मांगने पर भी ड्यूटी चार्ट उपलब्ध नहीं कराया गया।
कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन
घटना की जानकारी मिलते ही शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता अस्पताल पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष तुकाराम चंद्रवंशी, प्रदेश सचिव आकाश केसरवानी और एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सितेश चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अस्पताल परिसर में घंटों धरने पर बैठे रहे।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों पर कार्रवाई और नवजात की मौत को लेकर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई, जब इसी दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मेडिकल कॉलेज शिला-स्थापना कार्यक्रम के लिए कवर्धा में मौजूद थे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे मुख्यमंत्री की सभा में नवजात का शव लेकर प्रदर्शन करेंगे। प्रशासन भीड़ को नियंत्रित करने और कार्यक्रम को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने में जुटा रहा।
निजी अस्पताल से सांठ गांठ के आरोप
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और अस्पताल प्रबंधन पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि दो दिन पहले ही राज्य के डिप्टी सीएम व स्थानीय विधायक विजय शर्मा ने डॉक्टरों के साथ डिनर कर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया था, जबकि आज की घटना ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल के कुछ डॉक्टरों की निजी अस्पतालों से सांठगांठ है और जानबूझकर मरीजों का इलाज देर से किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल के सामने निजी एंबुलेंस का हमेशा खड़ा रहना इसका प्रमाण है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ड्यूटी पर मौजूद डॉ. नवनीत सिंह को तत्काल बर्खास्त करने और नवजात की मौत को हत्या की श्रेणी में दर्ज करने की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन के रुख को देखते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।


