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TLP के दबाव में झुकी इमरान सरकार, आज संसद में करेगी तय- ‘फ्रांस के राजदूत को देश से निकालना है या नहीं’
20-Apr-2021 5:39 PM
TLP के दबाव में झुकी इमरान सरकार, आज संसद में करेगी तय- ‘फ्रांस के राजदूत को देश से निकालना है या नहीं’

पाकिस्तान में फ्रांस विरोधी प्रदर्शनों के बाद आज संसद में फ्रांस के राजदूत को देश से बाहर निकालने पर फैसला किया जाएगा. गौरतलब है कि तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान ने इमरान खान की सरकार को चेतावनी दी है कि अगर राजदूत को देश से बाहर नहीं निकाला जाता है तो देश में व्यापक तौर पर प्रदर्शन किए जाएंगे. TLP की अगुवाई में पाकिस्तान भर में फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. इमरान सरकार ने इसे पार्टी को प्रतिबंधित भी कर दिया है.

पड़ोसी मुल्क के गृह मंत्री शेख रशीद अहमद ने कहा, राजदूत को लेकर नेशनल असेंबली में एक प्रस्ताव लाया जाएगा. TLP ने पूरे देश में अपने विरोध प्रदर्शन को बंद करने की मांग पर सहमति व्यक्त की है. हालांकि, TLP के अधिकारियों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने विवादित पत्रिका शार्ली हेब्दो द्वारा पैगंबर मोहम्मद के बनाए गए कार्टून का बचाव किया था. इसके बाद से पाकिस्तान में फ्रांस विरोधी प्रदर्शनों की शुरुआत हुई, जिसकी अगुवाई TLP ने की. इसने देश के प्रमुख शहरों में जमकर विरोध प्रदर्शन किए.

11 पुलिस अधिकारियों को TLP समर्थकों ने किया रिहा
पिछले सप्ताह से हालात ज्यादा भयानक हो गए, जब प्रदर्शनों ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया. दरअसल, इमरान सरकार ने हालात को काबू में करने के लिए TLP नेता साद रिजवी को गिरफ्तार कर लिया. इससे उससे समर्थक और भड़क उठे और उन्होंने राजधानी इस्लामाबाद में मार्च निकालते हुए फ्रांस के राजदूत को देश से बाहर निकालने की मांग की. लाहौर पुलिस ने बताया था कि अभी तक इस प्रदर्शन में छह पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी है. जबकि जिन 11 पुलिस अधिकारियों को TLP के समर्थकों ने लाहौर की मस्जिद में बंधक बनाया था, उन्हें सोमवार सुबह खून से लथपथ हालत में रिहा कर दिया गया.

फ्रांस ने अपने नागरिकों से पाकिस्तान छोड़ने को कहा
दूसरी और, TLP का कहना है कि पुलिस के साथ हुई हिंसक झड़प में इसके कई कार्यकर्ता मारे गए हैं. वहीं, पाकिस्तान स्थित फ्रांस दूतावास ने पिछले हफ्ते देश में रहने वाले अपने सभी नागरिकों को यहां से बाहर जाने की सलाह दी. सूत्रों ने बताया कि फ्रांसीसी दूतावास में काम करने वाले लोगों और परिवारों को भी फ्रांस वापस बुलाया जा रहा है. पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते TLP को आतंकी संगठन मानते हुए प्रतिबंध लगा दिया. वहीं, पुलिस ने हजारों की संख्या में प्रदर्शन करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया है. लेकिन रशीद का कहना है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. (tv9hindi.com)
 


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