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फ्रांस ने प्लान्ड ऑब्सोलसेंस को अपराध घोषित किया
01-May-2026 5:11 PM
फ्रांस ने प्लान्ड ऑब्सोलसेंस को अपराध घोषित किया

पेरिस, 1 मई । फ्रांस ने उन कंपनियों पर सख्त कार्रवाई का रास्ता खोल दिया है जो जानबूझकर उत्पादों को जल्दी खराब होने वाला बनाती हैं। अब प्लान्ड ऑब्सोलसेंस यानी जानबूझकर उत्पादों की उम्र कम करने की प्रथा फ्रांस में आपराधिक अपराध मानी जाएगी।

इस नए कानून के तहत यदि कोई कंपनी साबित होती है कि उसने मुनाफे के लिए उत्पाद को कमजोर बनाया, तो उसे भारी जुर्माना और गंभीर मामलों में जेल की सजा हो सकती है। यह कानून फ्रांस की सस्टेनेबल कंजम्पशन और राइट टू रिपेयर नीति का हिस्सा है।

कानून उन छिपी डिजाइन ट्रिक्स, सॉफ्टवेयर अपडेट्स जो पुराने उपकरणों को धीमा कर देते हैं और रिपेयर को मुश्किल बनाने वाली रणनीतियों पर निशाना साधता है। सरकार का लक्ष्य कचरा कम करना और टिकाऊ उत्पादों को बढ़ावा देना है।

समर्थकों का कहना है कि इससे कंपनियां मजबूत प्रोडक्ट बनाने को मजबूर होंगी। जबकि आलोचक इसे लागू करने में मुश्किल मानते हैं क्योंकि नियत साबित करना आसान नहीं होगा।

यूरोपीय संघ के अन्य देश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बेल्जियम, नीदरलैंड्स और स्वीडन में राइट टू रिपेयर कानून पहले से सक्रिय हैं। अमेरिका के कुछ राज्यों में भी इसी तरह के प्रयास चल रहे हैं। भारत में हालांकि अभी ऐसा कोई सख्त कानून नहीं है।

यह फैसला उन कंपनियों के लिए बड़ा झटका है जो दशकों से उपभोक्ताओं को बार-बार नया सामान खरीदने पर मजबूर करती रही हैं। फ्रांस का यह कदम अब दुनिया भर में टिकाऊ उत्पादन की बहस को नई दिशा दे सकता है।


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