अंतरराष्ट्रीय

इसराइल-लेबनान के बीच 1993 के बाद पहली बार सीधी बातचीत
15-Apr-2026 9:18 AM
इसराइल-लेबनान के बीच 1993 के बाद पहली बार सीधी बातचीत

लेबनान और इसराइल के बीच तीन दशक से ज़्यादा समय बाद पहली बार सीधी कूटनीतिक बातचीत हुई है.

यह पहल बेहद अहम मानी जा रही है, जिसका मक़सद इसराइल और ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष को ख़त्म करना है.

इस बातचीत में मध्यस्थता करने वाले अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे 'ऐतिहासिक मौक़ा' बताया. उनका कहना है कि इससे हिज़्बुल्लाह के प्रभाव को ख़त्म करने की दिशा में क़दम बढ़ सकता है.

अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष सीधे बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं, हालांकि इसके समय और जगह का अभी फै़सला नहीं हुआ है. इसराइल ने कहा है कि वह सभी गै़र-सरकारी सशस्त्र समूहों को निरस्त्र करना चाहता है, जिसका इशारा हिज़्बुल्लाह की ओर है.

वहीं, लेबनान ने युद्धविराम और देश में गहराते मानवीय संकट से निपटने के लिए ठोस क़दम उठाने की मांग की है. दोनों देशों के बीच औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं और आख़िरी बार इस स्तर की सीधी बातचीत 1993 में हुई थी.

2 मार्च से लेबनान में इसराइल सैन्य अभियान शुरू होने के बाद अब तक 2,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. यह अभियान उस समय शुरू हुआ था, जब कुछ ही दिन पहले ईरान में अमेरिका और इसराइल के हमले हुए थे.

मंगलवार को जब वॉशिंगटन में दोनों पक्ष बातचीत कर रहे थे, उसी दौरान हिज़्बुल्लाह ने इसराइल और लेबनान में तैनात इसराइली सैनिकों पर कम से कम 24 हमलों का दावा किया.

इसराइल का कहना है कि उसका अभियान हिज़्बुल्लाह को कमज़ोर और ख़त्म करने के लिए है. इससे पहले 2023 और 2024 में भी ग़ज़ा युद्ध के दौरान दोनों के बीच संघर्ष हो चुका है. (bbc.com/hindi)


अन्य पोस्ट