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पाकिस्तान में 28.9 फ़ीसदी हुई ग़रीबी दर, पूर्व वित्त मंत्री बोले- असल में बहुत ज़्यादा
21-Feb-2026 9:54 AM
पाकिस्तान में 28.9 फ़ीसदी हुई ग़रीबी दर, पूर्व वित्त मंत्री बोले- असल में बहुत ज़्यादा

पाकिस्तान में पिछले छह सालों में ग़रीबी की दर काफ़ी बढ़ी है.

प्लानिंग कमीशन के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, 2018-19 में ग़रीबी का स्तर 21.9 फ़ीसदी था, जो 2024-25 में बढ़कर 28.9 फ़ीसदी हो गया.

रिपोर्ट के अनुसार, शहरों में ग़रीबी की दर 11 फ़ीसदी से बढ़कर 17.4 फीसदी हो गई. जबकि गांवों में यह दर 28.2 फ़ीसदी से बढ़कर 36.2 फ़ीसदी हो गई.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ग़रीबी बढ़ने की मुख्य वजहें कोरोना महामारी का असर, दुनिया भर में सामान और ऊर्जा की क़ीमतों में बढ़ोतरी, देश में बाढ़ से बुनियादी ढांचे को नुक़सान और रोज़गार के मौक़े कम होना है.

बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, पूर्व वित्त मंत्री डॉ. हफ़ीज़ पाशा ने सरकारी रिपोर्ट की आलोचना की.

उनका कहना है कि ये आंकड़े ज़मीनी हक़ीक़त से मेल नहीं खाते.

उनके मुताबिक़, वर्ल्ड बैंक की रिसर्च बताती है कि पाकिस्तान में ग़रीबी की दर 45 फ़ीसदी है, जबकि उनकी अपनी रिसर्च के अनुसार यह दर 43 फ़ीसदी तक है.

उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास दर में गिरावट, प्रति व्यक्ति आय में कमी और खाने-पीने और ईंधन की क़ीमतें बढ़ने से ग़रीबी बहुत बढ़ी है.

डॉ. पाशा ने कहा कि ग़रीबी कम करने के लिए ज़रूरी है कि देश की आर्थिक विकास दर कम से कम 4.5 से 5 फ़ीसदी हो. तभी रोज़गार के मौक़े बनेंगे और लोगों की आमदनी बढ़ेगी. (bbc.com/hindi)


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