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अमेरिका ने इजराइल और सऊदी अरब को अरबों अमेरिकी डॉलर के हथियार बेचे जाने को मंजूरी दी
31-Jan-2026 11:52 AM
अमेरिका ने इजराइल और सऊदी अरब को अरबों अमेरिकी डॉलर के हथियार बेचे जाने को मंजूरी दी

वाशिंगटन, 31 जनवरी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल को 6.67 अरब अमेरिकी डॉलर और सऊदी अरब को नौ अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के हथियारों की एक बड़ी नयी श्रृंखला की बिक्री को मंजूरी दे दी है।

इन दोनों हथियार सौदों की घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात की। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमले की आशंका को लेकर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है। इससे पहले शुक्रवार को ही विदेश मंत्रालय ने इन सौदों की मंजूरी की जानकारी अमेरिकी संसद को दे दी थी, जिसके बाद इन्हें सार्वजनिक किया गया।

इन हथियार सौदों की घोषणा ऐसे समय में भी हुई है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गाजा के लिए अपनी युद्धविराम योजना को आगे बढ़ा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य इजराइल और हमास के बीच संघर्ष को समाप्त करना तथा फलस्तीनी क्षेत्र के पुनर्निर्माण और पुनर्विकास को आगे बढ़ाना है। दो वर्षों से जारी युद्ध में गाजा पूरी तरह तबाह हो चुका है और इसमें अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है।

सऊदी अरब के साथ हथियार सौदा 730 ‘पैट्रियट’ मिसाइलों और उनसे जुड़े उपकरणों का है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह सौदा अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को समर्थन देगा क्योंकि इससे एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी देश की सुरक्षा मजबूत होगी, जो खाड़ी क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति की दिशा में अहम भूमिका निभाता है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह उन्नत क्षमता सऊदी अरब, अमेरिका और क्षेत्रीय सहयोगियों की थल सेनाओं की रक्षा करेगी तथा क्षेत्र में एकीकृत वायु और मिसाइल रक्षा प्रणाली में सऊदी अरब के योगदान को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगी।’’

इजराइल से किए जाने वाले हथियार सौदे चार अलग-अलग पैकेज में बांटे गए हैं। इनमें 30 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और उनसे जुड़े उपकरण एवं हथियार तथा साथ ही 3,250 हल्के सामरिक वाहन शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन नए हथियार सौदों से क्षेत्र में सैन्य संतुलन प्रभावित नहीं होगा और ये इजराइल की वर्तमान एवं भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता को और मजबूत करेंगे।

अमेरिका ने दोहराया कि इजराइल की सुरक्षा उसके राष्ट्रीय हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। (एपी)


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