अंतरराष्ट्रीय
स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित 'वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम' में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की भागीदारी ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है. बुधवार, 21 जनवरी को ट्रंप दुनिया के शीर्ष सीईओ और व्यापारिक दिग्गजों के साथ एक विशेष बैठक करेंगे. व्हाइट हाउस द्वारा आयोजित इस रिसेप्शन में वित्तीय सेवाओं, क्रिप्टो और कंसल्टिंग क्षेत्र के वैश्विक नेताओं को आमंत्रित किया गया है, जहां अमेरिकी आर्थिक नीतियों और भविष्य के व्यापारिक रिश्तों पर चर्चा होने की संभावना है.
राष्ट्रपति के इस दौरे का मुख्य आकर्षण उनका विशेष संबोधन और उसके बाद होने वाली व्यापारिक मुलाकातें हैं. उनके साथ अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और अन्य उच्चाधिकारी भी मौजूद रहेंगे. इस बैठक का उद्देश्य 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत वैश्विक निवेश को प्रोत्साहित करना है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर बैठक का विस्तृत एजेंडा अभी गुप्त रखा गया है.
इस शिखर सम्मेलन के दौरान डॉनल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को खरीदने की मांग और यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी ने व्यापारिक जगत में चिंता बढ़ा दी है. सोमवार, 19 जनवरी को इन धमकियों के कारण यूरोपीय शेयर बाजारों में गिरावट भी दर्ज की गई. दावोस में जुटे विभिन्न देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और राजनयिक इस मुद्दे पर अलग से बैठकें कर रहे हैं ताकि संभावित व्यापार युद्ध से बचा जा सके.
सम्मेलन में रूस की मौजूदगी भी चर्चा का विषय है. रूसी राष्ट्रपति के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव भी दावोस पहुंच रहे हैं और उनके अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मिलने की संभावना है. डॉनल्ड ट्रंप की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब 130 से अधिक देशों के 3,000 प्रतिनिधि दावोस में जमा हैं. (dw.com/hi)


