अंतरराष्ट्रीय
-टैबी विल्सन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी की सज़ा देता है, तो अमेरिका उसके ख़िलाफ़ "बहुत कड़ी कार्रवाई" करेगा.
पिछले हफ़्ते हिरासत में लिए गए 26 साल के इरफ़ान सुल्तानी के रिश्तेदारों ने बीबीसी फ़ारसी को बताया कि उन्हें बुधवार को फांसी दी जानी है.
हेंगॉ ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर ह्यूमन राइट्स के एक प्रतिनिधि ने भी बीबीसी को बताया कि उन्होंने "कभी किसी मामले को इतनी तेज़ी से आगे बढ़ते नहीं देखा".
बीबीसी के अमेरिकी सहयोगी सीबीएस न्यूज़ से बात करते हुए ट्रंप ने संभावित फांसी की सज़ाओं को लेकर कहा, "अगर वे उन्हें फांसी देते हैं, तो आप कुछ चीज़ें देखेंगे... अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे."
सोलतानी के रिश्तेदार ने बीबीसी फ़ारसी को बताया कि एक ईरानी अदालत ने "बेहद तेज़ प्रक्रिया में, महज़ दो दिनों के भीतर" मौत की सज़ा सुना दी.
हेंगॉ के प्रतिनिधि अवयार शेख़ी ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि ईरानी सरकार "लोगों को दबाने और डर फैलाने के लिए उन्हें जितनी तरकीबें आती हैं, सबका इस्तेमाल कर रही है".
ईरान में बीते 28 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन जारी हैं. मानवाधिकार संगठनों ने इस प्रदर्शनों में हज़ारों लोगों के मारे जाने का दावा किया है. (bbc.com/hindi)


