गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजिम, 5 फरवरी। बुधवार 4 फरवरी को राजिम कुंभ कल्प मेला के स्थानीय मंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को भरपूर आनंदित किया। विभिन्न लोककला और लोकसंस्कृति से सजे इन कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। भजन, फाग, पंडवानी, जगराता और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों से मंच दिनभर गुलजार रहा।
राजिम के तुलाराम साहू ने भजन संध्या के अंतर्गत हनुमान जी के भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिभाव में डूबो दिया। उन्होंने सिंदूर चढ़ाने से हर काम होता है... भजन जैसे ही प्रस्तुत किया, मंच के सामने मौजूद श्रद्धालुओं ने तालियों की गडग़ड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। उनके साथ समूह की गायिका लालिमा पटेल ने आरूग हे कलसा दाई... और भारत का बच्चा-बच्चा... जैसे गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को और भक्तिमय बना दिया।
इसी क्रम में जगन्नाथ पटेल ने फाग गीतों की श्रृंखला प्रस्तुत की। वहीं रूपदास मानिकपुरी ने पंडवानी की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। मुक्षय साहू ने जगराता, हीराबाई चक्रधारी ने सुवा नृत्य तथा लीना ने लोकनृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। ओमप्रकाश मानिकपुरी ने जगराता भजनों पर तान छेडक़र श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा महेश पटेल ने फागगीत, संतोष सिन्हा और रुक्मिणी दीवान ने जसगीत की शानदार प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों का प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
इसी तरह पूर्व महोत्सव नदी मंच पर भी धार्मिक वातावरण बना रहा, जहां नवाडीह के ईश्वर साहू ने मानसगान प्रस्तुत किया। तरीघाट की पानबाई यादव ने रामधुनी, श्यामनगर की अन्नपूर्णा साहू ने रामायण, कपालफोड़ी के फणेंद्र कुमार एवं भजन मंडली नवापारा की कल्याणी कंसारी ने भजन गायन से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कलाकारों का सम्मान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्मृति चिन्ह भेंटकर कर किया। कार्यक्रम का संचालन निरंजन साहू, पुरुषोत्तम चंद्राकर, किशोर निर्मलकर एवं मनोज सेन द्वारा किया गया।


