गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 28 अक्टूबर । गरियाबंद पुलिस ने विलुप्त प्रजाति सालखपरी (पैंगोलिन) की तस्करी का पर्दाफाश किया है। थाना देवभोग पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक जीवित पैंगोलिन और पैंगोलिन की छाल (सेल) बरामद की है।
ओडिशा से आ रही थी वन्यजीव तस्करी की खेप
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि एक कार (क्रमांक ओड 08 डी 7638) और मोटरसाइकिल (सीजी 05 सी 9151) में ओडिशा से देवभोग की ओर अवैध रूप से सालखपरी और उसकी छाल बिक्री के लिए लाई जा रही है।
सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए देवभोग थाना पुलिस ने खुटगांव अंतरराज्यीय चेकपोस्ट पर वाहनों की चेकिंग शुरू की। कुछ समय बाद मुखबिर द्वारा बताए हुलिए के अनुसार एक कार और एक मोटरसाइकिल आते देख पुलिस ने उन्हें रोका। पूछताछ में कार चालक ने अपना नाम भवतोश पात्र तथा साथ बैठे व्यक्ति ने गोरे बारिक, दोनों निवासी जिला कालाहांडी (ओडिशा), और मोटरसाइकिल चालक ने कौशल नागेश निवासी देवभोग (छत्तीसगढ़) बताया।
वाहनों की तलाशी के दौरान कार की डिक्की से एक जीवित सालखपरी (पैंगोलिन) वजन लगभग 9 किलो और मोटरसाइकिल से पैंगोलिन की छाल (सेल) वजन 6.13 किलो बरामद की गई। सभी वस्तुओं को गवाहों की मौजूदगी में जब्त कर कब्जे में लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ओडिशा के सुनाबेड़ा वन्य अभयारण्य क्षेत्र से पैंगोलिन का शिकार कर उसे बिक्री के लिए देवभोग ला रहे थे।
तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराएं 9, 27, 29, 31, 39(ख), 51(1)(क) एवं 52 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
बरामद जीवित पैंगोलिन को वन विभाग को सुपुर्द किया गया, जिसके बाद उसे जंगल सफारी रायपुर में सुरक्षित रूप से छोड़ा गया।
ज्ञात हो कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जिले के सभी थाना प्रभारियों को अवैध वन्यजीव, गांजा, हीरा व अन्य तस्करी गतिविधियों पर रोकथाम के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के पालन में देवभोग पुलिस और साइबर टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया।


