गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 9 फरवरी। संयुक्त मंच के प्रान्तीय निर्णयानुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर आँगनबाड़ी केन्द्रों में ताला लटका कर अनिश्चितकालीन हड़ताल से नॉनिहल बच्चों पोषण आहारों से हो रहे वंचित।
छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सँयुक्त मंच के आह्वान पर जिला अध्यक्ष मंजरी गुप्ता के नेतृत्व में गरियाबन्द जिला मुख्यालय के गांधी मैदान में लगातार 17 वें दिन को भी अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर बीते 2 से 9 जनवरी परियोजना स्तर पर , 24 जनवरी को प्रांतीय स्तर पर धरना प्रदर्शन पश्चात, 28 जनवरी से जिला स्तरीय अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन गांधी मैदान में 17 वें दिन सद्बुद्धि यज्ञ कर सरकार को जगाने का प्रयास किया। इस दौरान जिले से आए आँगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका ब्लाक अध्यक्ष सहित भारी सँख्या में मौजूद रही।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किये जाने तक सरकार द्वारा अपने जन घोषणा पत्र में घोषित नर्सरी शिक्षक पर उन्नयन और कलेक्टर दर पर वेतन तत्काल दिया जाए। आंगनबाड़ी सहायिकाओं को कार्यकर्ता के रिक्त पद पर शत प्रतिशत एवं कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर शतप्रतिशत पदोन्नति दिया एवं विभागीय सेवा भार्ती नियम में संशोधित किया जाए। प्राइमरी स्कूलों में प्रायमरी शिक्षक का दर्जा एवं वेतन दिया जाए।
मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं आंगनबाड़ी कार्यकार्ता के बराबर समान काम का समान वेतन दिया जाए एवं क्रेश कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर समाहित किया जाए।
आंगनबाड़ी कार्यकार्ताओं को 5 लाख रूपये एवं सहायिकाओं को 3 लाख रूपये रिटायरमेंट के बाद एक मुश्त राशि दिया जाए और मासिक पेंशन, ग्रेच्यूटी, व समूह बीमा योजना लागू किया जाए।
प्रदेश स्तर में आंगनबाड़ी कार्यकार्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों को तत्काल भरा जाय और पोषण ट्रेक और अन्य कार्य के लिए जब तक मोबाईल, नेट चार्ज नहीं दिया जाता, तब तक मोबाईल पे कार्य का दबाव न दिया जाए।


