दुर्ग
कलेक्टर ने प्रत्येक संयंत्र से प्रतिदिन न्यूनतम 2 ट्रिप डी-स्लजिंग सुनिश्चित करने दिए निर्देश
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 15 जून। अब ग्रामीणों को भी वैज्ञानिक पद्धति से सेप्टिक टैंक सफाई की सुविधा मिल रही है। इसके लिए जिले में 5 फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हो रही है। कलेक्टर ने प्रत्येक संयंत्र से प्रतिदिन न्यूनतम 2 ट्रिप डी-स्लजिंग सुनिश्चित करने निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर अभिजीत सिंह का कहना है कि ग्रामीणों का स्वास्थ्य उनकी प्राथमिकता है। सेप्टिक टैंकों का असुरक्षित निष्पादन न केवल गंदगी फैलाता है, बल्कि बीमारियों का भी कारण बनता है। उन्होंने ग्रामवासियों से अपील किया है कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने घर के सेप्टिक टैंक प्रति 3 से 4 वर्षों में अनिवार्यत: खाली करवाएं। निजी वाहनों की मनमानी और अवैध डंपिंग को रोकने हेतु प्रशासन कठोर कार्रवाई कर रहा है मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग, बजरंग दुबे ने बताया कि जिले के सभी 381 ग्रामों को इन संयंत्रों से जोडक़र एक व्यवस्थित तंत्र विकसित किया गया है।
पंचायत स्तर पर नाम मात्र के यूजर चार्ज पर यह सुविधा उपलब्ध है। विकासखंड स्तर पर सेवाओं के सुचारू संचालन हेतु ग्राम पंचायतवार उत्तरदायी अधिकारियों के नाम और संपर्क नंबर जारी किए गए हैं। जनपद पंचायत दुर्ग के अंतर्गत कोलिहापुरी ग्राम पंचायत के लिए भूपेंद्र कुमार (9770547944) सचिव निमेश भोईर (9977030456) से संपर्क किया जा सकता है। इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत पथरिया और लिटिया ग्राम पंचायतों के लिए नीरज (7869847187), सचिव मिथलेश यदु (9098878427) जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत पतोरा और रानीतरई ग्राम पंचायतों के लिए भुनेश्वर साहू (9691398116), नरेश महतो (8085520725) और सचिव कन्हैया पांडे (9981368908) से संपर्क किया जा सकता है। अवैध गतिविधियों पर कड़ा रुख
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निजी वाहनों द्वारा अपशिष्ट को खुले में फेंकना एक दंडनीय अपराध है। धौराभाटा और मुरमुंदा में हुई शिकायतों के बाद पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है। कलेक्टर दुर्ग ने समस्त सरपंचों और सचिवों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र में अवैध वाहनों की निगरानी करें और किसी भी उल्लंघन की सूचना तत्काल जनपद कार्यालय को दें। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जिले की पांच प्रमुख ग्राम पंचायतों-कोलिहापुरी, पथरिया, लिटिया, पतोरा एवं रानीतरई में 381 गांवों को कवर करते हुए कुल 254 डी-स्लज ट्रिप सफलतापूर्वक संचालित किए गए। इस दौरान प्राप्त कुल यूजर चार्ज 5,89,300 रुपये रहा, जिसके सापेक्ष ड्राइवर सैलरी, डीजल और अन्य मदों में कुल 3,73,237 रुपये का व्यय हुआ, जिससे इस प्रबंधन से कुल 2,16,063 रुपये की शुद्ध बचत प्राप्त हुई।


