दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 31 मई। व्यवसाय में प्रार्थी का हाथ बटाते दुकान के नाम से लोगों से पैसा लेकर धोखाधड़ी कर गबन करने वाले आरोपी के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर मोहन नगर पुलिस ने आरोपी मुकेश लालवानी उर्फ मुकेश मखीजा के खिलाफ धारा 419, 420, 468, 471 के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।
पुलिस ने बताया कि आवेदक कैलाश मखीजा निवासी गणपति विहार बोरसी थाना पद्मनाभपुर फल व्यवसायी है तथा कृषि उपज मंडी धमधा नाका दुर्ग में लालचंद कैलाशचंद फ्रूट्स के नाम से शॉप नंबर तीन व चार है जिसमें वह अपना व्यवसाय संचालित करता है। अभियुक्त मुकेश लालवानी पिता श्री चंद लालवानी आवेदक का रिश्तेदार है और वह वर्तमान में कृषि उपज मंडी में शॉप नंबर 6 में मुकेश फ्रूट्स के नाम से फलों का व्यवसाय करता है। अभियुक्त मुकेश लालवानी के पिता श्री चंद लालवानी की मृत्यु होने पर उसकी माता कंचन लालवानी द्वारा द्वितीय विवाह कर लिया गया था। तब अभियुक्त मुकेश राजनांदगांव में रहता था
अभियुक्त की आर्थिक एवं पारिवारिक स्थिति को देखते हुए आवेदक ने सदभावना पूर्वक स्नेह सहित उसे दुर्ग लाकर अपने पास रखा था। अभियुक्त आवेदक के व्यवसाय में हाथ बटाता रहा परंतु आवेदक को जानकारी हुई कि अभियुक्त उसकी दुकान के नाम से लोगों से पैसा ले लेता है और दुकान में जमा नहीं करता है, जिसकी वजह से आवेदक को लाखों रुपए की आर्थिक हानि का सामना करना पड़ा। इस पर आवेदक ने अभियुक्त अपने व्यवसाय से अलग कर दिया था। जिसके पश्चात अभियुक्त ने मुकेश फ्रूट्स के नाम से अपना व्यवसाय प्रारंभ कर लिया था।
आरोपी आवेदक के बारे में समाज में झूठी झूठी बातें फैलाकर लगातार मानहानि करते रहा है। बाद में आवेदक को पता चला कि अभियुक्त स्वयं को उसका पुत्र होना बताता है। इस पर जब आवेदक ने उसे मना किया तो आरोपी ने धमकी देते हुए कहा कि उसने पहचान संबंधी सभी दस्तावेजों में तुम्हारा नाम अपने पिता के रूप में दर्ज करवा लिया है। अभियुक्त आवेदक को समस्त संपत्ति एवं दुकान पर कब्जा कर लूंगा करके धमकी देने लगा था।
इस बात से भयभीत होकर आवेदक ने उसके संबंध में जानकारी प्राप्त की तब उसे पता चला कि अभियुक्त मुकेश लालवानी ने स्वयं को मुकेश मखीजा पिता कैलाश मखीजा बताते हुए अपना आधार कार्ड बनवा लिया है तथा भारतीय स्टेट बैंक में भी इसी नाम से अपना खाता भी खुलवाया है जो पूरी तरह से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर किया गया है। जानकारी मिलने पर आवेदक भी आश्चर्य चकित रह गया और उसने न्यायालय का सहारा लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


