दुर्ग

देश में आर्थिक आपदा जैसी हालात- राकेश ठाकुर
12-May-2026 4:27 PM
देश में आर्थिक आपदा जैसी  हालात- राकेश ठाकुर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 12 मई।
देश में आर्थिक आपदा जैसी हालात है, जनता पर आर्थिक पाबंदियां थोपी जा रही है, जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर देश को आर्थिक संकट और आर्थिक आपदा जैसे हालात की ओर धकेलने का आरोप लगाते हुए उक्त बातें व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनता से पेट्रोल-डीजल कम उपयोग करने, सोना नहीं खरीदने, विदेश यात्रा टालने, खाद एवं तेल का उपयोग कम करने जैसी अपीलें यह साबित करती हैं कि केंद्र सरकार देश की आर्थिक स्थिति संभालने में पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार जनता को पेट्रोल-डीजल बचाने की सलाह दे रही है, वहीं दूसरी ओर आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर ईंधन मूल्य वृद्धि का सीधा असर पड़ेगा। डीजल के दाम बढऩे से खेती-किसानी, परिवहन, माल भाड़ा और रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होंगी, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर के दाम पहले ही आम जनता की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं और अब गैस सिलेंडर की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का खामियाजा देश की महिलाओं और परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। उज्ज्वला योजना का प्रचार करने वाली सरकार आज गरीब परिवारों को सस्ती गैस उपलब्ध कराने में असफल साबित हुई है। लगातार बढ़ते गैस सिलेंडर के दामों ने घर का बजट बिगाड़ दिया है और आम परिवारों की रसोई पर सीधा संकट खड़ा कर दिया है।

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी अपने ट्वीट के माध्यम से सवाल उठाया है कि आखिर 12 वर्षों की भाजपा सरकार के बाद देश ऐसी स्थिति में क्यों पहुंच गया है जहां जनता को यह बताना पड़ रहा है कि क्या खरीदें, क्या न खरीदें, कहां जाएं और कहां न जाएं।

भाजपा सरकार हर बार अपनी विफलताओं का बोझ आम जनता पर डालकर जवाबदेही से बचने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि आज देश का किसान सबसे ज्यादा परेशान है। छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रही है। भाजपा सरकार ने खरीफ सीजन में किसानों को मिलने वाली यूरिया खाद की मात्रा भी घटा दी है। पहले जहां प्रति एकड़ 2 बोरी खाद मिलती थी, अब उसे घटाकर 1 बोरी कर दिया गया है। इससे किसानों में भारी आक्रोश है। किसान समितियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है।


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