दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 3 मई। 9 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारी को लेकर साजा न्यायालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में न्यायाधीश माला यादव ने अधिवक्ता संघ साजा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ आवश्यक चर्चा की। उन्होंने लंबित आपराधिक एवं दीवानी प्रकरणों में मध्यस्थता कर संबंधित पक्षकारों के बीच समझौते एवं सलाह का वातावरण निर्मित करने की अपेक्षा व्यक्त की।
न्यायाधीश माला यादव ने कहा कि नेशनल लोक अदालत एक महत्वपूर्ण मंच है, जिसके माध्यम से पक्षकारों के बीच आपसी मनमुटाव समाप्त कर प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी राजीनामा कर पारिवारिक एवं सामाजिक वातावरण को सामान्य एवं सौहार्दपूर्ण बनाना है। कई छोटे-छोटे विवाद समय के साथ गंभीर रूप धारण कर लेते हैं, जिसके कारण प्रकरण वर्षों तक लंबित रहते हैं। लोक अदालत ऐसा माध्यम है, जहां आपसी सहमति से मामलों का त्वरित निराकरण संभव होता है। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य में अधिवक्ता गण एक मजबूत पुल की भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशों के मार्गदर्शन में साजा में भी अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण का प्रयास किया जाएगा।
अधिवक्ता संघ साजा के अध्यक्ष मूलचंद शर्मा ने कहा कि पूर्व में भी अधिवक्ताओं की मध्यस्थता से अनेक प्रकरणों का सफल निराकरण किया जा चुका है तथा इस बार भी लोक अदालत में बड़ी संख्या में प्रकरणों के निपटारे की संभावना है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारियों, पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं के बीच समन्वय और चर्चा से अधिकाधिक मामलों का समाधान संभव हो सकेगा। बैठक में अधिवक्ता विनोद शर्मा, योगेंद्र सिंह चंदेल, गोकुल राजपूत, मनोज शर्मा, मनोज वर्मा सहित अन्य अधिवक्ताओं एवं विधिक सेवा समिति के सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अधिवक्ता मनोज राजपूत, अजय देवांगन, केके वैष्णव, दिनेश साहू, जितेन्द्र साहू, हुलेश सिन्हा, संजय दत्त, चंद्रप्रकाश कन्नौजे सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।


